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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:34 · नई दिल्ली संस्करण

आपदा संभावित राज्य उत्तराखंड में तीन माह में 243 की मौत, चारधाम यात्रा में 174 तीर्थयात्रियों ने गंवाई जान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

देहरादून, । आपदा संभावित राज्य उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू

होने से लेकर अब तक 243 लोगों की मौत हुई है। इसमें सबसे अधिक चारधाम

यात्रा पर आए 174 तीर्थयात्रियों ने जान गवाई है। वहीं दैवीय आपदा में 29

तो सड़क हादसों में 40 लोगों की मौत हुई है।

राज्य आपातकालीन

परिचालन केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार गत 10 मई से शुरू हुई

चारधाम यात्रा को लेकर बद्रीनाथ में 43, हेमकुंड में चार, गंगोत्री में 14,

यमुनोत्री में 30 तो केदारनाथ में सबसे अधिक 83 समेत कुल 174

तीर्थयात्रियों की मौत हुई है। वहीं गत 15 जून से लेकर अब तक दैवीय आपदा

में अब तक जनपद अल्मोड़ा में दो, चमोली में चार, चंपावत में दो, हरिद्वार

में एक, नैनीताल में तीन, पौड़ी में दो, रुद्रप्रयाग में तीन, टिहरी में

दो, उत्तरकाशी में एक तो उधमसिंह नगर में सबसे अधिक नौ समेत कुल 29 लोगों

की मौत हुई है जबकि 17 लाेग घायल हुए हैं। भारी बारिश के चलते कहीं सड़क

धंसने तो कहीं चट्टान गिरने की घटना सामने आई हैं। इससे कई हादसे भी हुए

हैं। इन हादसों में गत 15 जून से अब तक अल्मोड़ा में एक, चमोली में दो,

चंपावत में एक, देहरादून में दो, पौड़ी में छह, टिहरी में पांच, उत्तरकाशी

में दो तो रुद्रप्रयाग में सबसे अधिक 21 समेत कुल 40 लोगों ने जान गंवाई है

जबकि 151 लाेग घायल हुए हैं।

भूस्खलन व चट्टान गिरने से लगातार सड़क हो रहीं अवरूद्ध

राज्य

आपातकालीन परिचालन केंद्र के ड्यूटी आफिसर व उप सचिव महावीर सिंह परमार ने

बताया कि भारी बारिश को लेकर दैवीय प्राकृतिक आपदा के चलते प्रदेश भर में

अब तक 2105 सड़कें प्रभावित हुई हैं जबकि 1907 सड़कें खोल दी गई हैं।

वर्तमान में प्रदेश भर में 198 सड़कें अवरूद्ध हैं। बारिश के चलते भूस्खलन व

चट्टान गिरने से सड़क अवरुद्ध होने का क्रम लगातार जारी है।

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