मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:19 · नई दिल्ली संस्करण

कैंसर की लड़ाई केवल चिकित्सा की नहीं, संवेदना और सामूहिक उत्तरदायित्व की भी है : राज्यपाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कैंसर की लड़ाई केवल चिकित्सा की नहीं, संवेदना और सामूहिक उत्तरदायित्व की भी है : राज्यपाल

रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि कैंसर की लड़ाई केवल चिकित्सा की नहीं, संवेदना और सामूहिक उत्तरदायित्व की भी हैरांची के एक स्थानीय होटल में शनिवार को कैंसर समिट का उद्घाटन के उपरांत अपने संबोधन में राज्यपाल गंगवार ने कहा कि कैंसर एक ऐसी जटिल बीमारी है, जो न केवल व्यक्ति के शरीर को, बल्कि पूरे परिवार की मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक स्थिरता को भी गहराई से प्रभावित करती है। ऐसे में इसकी चिकित्सा में मानवीय संवेदना, भरोसा और अपनत्व भी उतने ही आवश्यक हैं जितनी औषधियां।राज्यपाल ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य में जहां दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अब भी एक बड़ी चुनौती हैं, वहां कैंसर जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और समुचित उपचार के लिए समर्पित प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ‘आयुष्मान भारत’ योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक क्रांतिकारी पहल है, जिससे गरीब एवं वंचित वर्ग को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। लेकिन इस योजना की पूर्ण सफलता तभी संभव है जब चिकित्सक, अस्पताल, राज्य सरकारें और समाज मिलकर सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें।राज्यपाल ने चिकित्सकों को वैद्य नारायणो हरिः कहते हुए उन्हें जीवनदाता बताया और कहा कि सेवा, करुणा और समर्पण को मूल में रखकर यदि चिकित्सा कार्य हो तो हर कैंसर पीड़ित के जीवन में आशा की किरण जाग सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वे बरेली में अनेक लोगों को वहां के एक विशेषज्ञ चिकित्सक के पास उपचार के लिए भेजते हैं और वहां के उपचार से लोगों को संतोषजनक परिणाम मिलते हैं।राज्यपाल ने आशा जताई कि इस समिट के माध्यम से झारखंड में कैंसर उपचार और जन-जागरूकता को एक नई दिशा मिलेगी। राज्यपाल ने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि कोई भी कैंसर पीड़ित अकेला न रहे, हम सब उसकी पीड़ा को अपनी पीड़ा समझकर जीवन की राह पर लौटाने के लिए समर्पित प्रयास करें।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें