खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग गंभीरता के साथ कर रहा कार्य - अमिताभ कौशल
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने दी 4 वर्षों की उपलब्धियों की जानकारी
रांची: खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही योजनाओं की बीते 4 वर्षों की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए विभागीय सचिव अमिताभ कौशल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। वे आज सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय के सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान जानकारी दे रहे थे। विभागीय सचिव ने बताया कि राज्य की एक बड़ी आबादी को खाद्य सुरक्षा विभाग की विभिन्न स्कीमों से आच्छादित किया जा रहा है। विभाग योजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर विभिन्न स्तर पर कार्य कर रहा है। योजनाओं में नवाचार का समावेश करते हुए राज्य के लोगों को न्यूट्रिशन सिक्योरक्टी करीब 66 लाख लाभुक परिवारों को दी जा रही है साथ ही सोना सोबरन धोती/लुंगी, साड़ी वितरण योजना के अंतर्गत 10 रू. के अनुदानित दर पर राज्य के गरीब लोगों को उपलब्ध करायी जा रही है।
झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना
राज्य की जनता के पोषण की आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा राज्य खाद्य सुरक्षा योजना स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत लाभुकों को 5 किलोग्राम प्रति लाभुक प्रति माह चावल उपलब्ध कराया जाता है।इस योजनान्तर्गत प्रारंभ में 15 लाख लाभुको का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है। इस योजनान्तर्गत अबतक 33,16,489 लाभुक आच्छादित हुए है।
धान अधिप्राप्ति योजना
किसानों से धान का क्रय सीधे करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक व्यवस्था की है ताकि राज्य के किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त हो सके। राज्य सरकार द्वारा धान अधिप्राप्ति के लिए सभी जिलों में आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में धान अधिप्राप्ति केन्द्र खोले गये हैं।धान अधिप्राप्ति के लिए झारखण्ड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लि0 को नोडल एजेंसी बनाया गया है। खरीफ विपणन मौसम 2023-24 में धान अधिप्राप्ति हेतु कुल 6.00 लाख एमटी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खरीफ विपणन मौसम 2023-24 में भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2183 रूपये प्रति क्लिंटल के अतिरिक्त 117 रूपये प्रति किंटल की दर से किसानों को उनके आय में वृद्धि एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बोनस भुगतान का निर्णय लिया गया है।





