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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:26 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल करने वालों की खैर नहीं

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंड विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल करने वालों की खैर नहीं

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान कोई भी व्यक्ति, प्रिंट मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किसी प्रकार का सर्वेक्षण प्रकाशित नहीं कर पाएंगे। चुनाव आयोग ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। चुनाव आयोग ने मंगलवार को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है।केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से जारी इस अधिसूचना में कहा गया है कि झारखंड में 15 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई। साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट, 1951 सेक्शन 126 के तहत यह निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी भी रूप में चुनाव के परिणाम से जुड़ा एग्जिट पोल प्रकाशित नहीं करेंगे।चुनाव आयोग के अनुसार, आम चुनाव या विधानसभा चुनाव के मामले में मतदान की पहली तारीख से लेकर आखिरी दिन के मतदान के आधे घंटे बाद तक किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल पर रोक रहेगी। साथ ही उपचुनाव के मामले में मतदान शुरू होने से लेकर मतदान खत्म होने के आधे घंटे बाद तक किसी प्रकार का एग्जिट पोल प्रकाशित नहीं किया जा सकेगा।चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि जनप्रतिनिधित्व कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रावधान के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को दाे साल तक जेल या जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 13 नवंबर को सुबह 7 बजे से 20 नवंबर को शाम 6:30 बजे तक किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक रहेगी। इतना ही नहीं निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान चुनाव से जुड़े किसी प्रकार के ओपिनियन पोल या किसी अन्य सर्वे को कोई भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रसारित नहीं होगा। प्रिंसिपल सेक्रेटरी एसबी जोशी ने यह आदेश जारी किया है।

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