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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:17 · नई दिल्ली संस्करण

दालमंडी चौड़ीकरण मामले में लोक निर्माण विभाग को नियमानुसार मुआवजा देने में आई कठिनाई

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
दालमंडी चौड़ीकरण मामले में लोक निर्माण विभाग को नियमानुसार मुआवजा देने में आई कठिनाई

वाराणसी। वाराणसी में दालमंडी चौड़ीकरण मामले में लोक निर्माण विभाग को नियमानुसार मुआवजा देने में कठिनाई आ रही है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दालमंडी में कई मंदिरों और उनके ट्रस्ट पर मुस्लिम लोगों के नाम नगर निगम में चढ़े हुए सामने आए हैं। जबकि ट्रस्ट संपत्ति पर किसी दूसरे व्यक्ति का नाम नियम के अनुसार नगर निगम में चढ़ नहीं सकते है।लोक निर्माण विभाग और नगर निगम वाराणसी के अधिकारियों के अनुसार दालमंडी में श्रीगणेश जी ठाकुर जी विराजमान मंदिर पर निजामुद्दीन का नाम चढ़ा हुआ दिख रहा है। इसी तरह सीताराम श्रीठाकुर राधा कृष्ण एवं श्री ठाकुर सत्यनारायण जी महाराज मंदिरों पर अलाउद्दीन और सलाउद्दीन का नाम चढ़ा हुआ दिख रहा है। एक मंदिर ट्रस्ट के पते पर साजिद, जमाल, राशिद के नाम चढ़े हुए मिले है। इस संबंध में इन सभी लोगों से सोमवार को वार्ता हो सकती है, क्योंकि नियम के अनुसार ही मुआवजा दिया जाएगा।उक्त प्रकरण के सामने आने पर पार्षद इंद्रेश सिंह ने स्पष्ट कहा कि किसी भी मुआवजा के संबंध में नियम का पालन होना चाहिए। नियम का पालन नहीं होता है तो यह अनुचित और सरकार की छवि खराब करने वाला विषय है। मंदिरों पर किसी दूसरे समुदाय के लोगों का नाम चढ़ने की जांच भी होनी चाहिए। नियम के विपरीत जाकर के किसी भी कार्यवाही को किया जाना बिल्कुल अनुचित है।बता दें कि दालमंडी चौड़ीकरण मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता के बाद लोक निर्माण विभाग तेजी से मुआवजा पर काम कर रहा है। जिससे अक्टूबर माह में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आरंभ की जा सके।

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