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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:03 · नई दिल्ली संस्करण

अमेरिका का भारत के लिए कड़ा रुख: रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर लटकी टैरिफ की तलवार

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
अमेरिका का भारत के लिए कड़ा रुख: रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर लटकी टैरिफ की तलवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट को कानून का रूप दे दिया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से विधेयक पारित होने के दो दिन बाद ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर किए। इस नए कानून के तहत राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों से होने वाले आयात पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है। इस सूची में फिलहाल भारत भी शामिल है, जिससे उस पर संभावित आर्थिक दबाव की आशंका बढ़ गई है। ट्रंप के इस कानून पर हस्ताक्षर के साथ रूस पर नए प्रतिबंधों को लेकर लगभग 18 महीने से चल रही राजनीतिक कवायद समाप्त हो गई है।

इस विधेयक को लाने का मुख्य उद्देश्य रूस की ऊर्जा से होने वाली निर्यात आय को कमजोर करना और चार साल से अधिक समय से जारी यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए मॉस्को पर बातचीत का दबाव बनाना है। हालांकि, कानून में किसी भी देश को सीधे निशाना नहीं बनाया गया है। इसके तहत अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को विदेश मंत्री और ऊर्जा मंत्री से सलाह लेकर उन पांच देशों की पहचान करनी होगी, जो पिछले 12 महीनों में कुल मात्रा के आधार पर रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल और गैस आयात करते हैं। इन देशों की सूची की समीक्षा हर 180 दिन में की जाएगी। टैरिफ की दर राष्ट्रपति के विवेक पर निर्भर करेगी और यह अधिकतम 100 प्रतिशत तक हो सकती है।

हालांकि, कानून राष्ट्रपति को रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने के लिए बाध्य नहीं करता है, यह उन्हें एक शक्तिशाली उपकरण प्रदान करता है।कानून के समर्थकों, विशेषकर सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने चीन और भारत से रूस से ऊर्जा खरीद बंद करने की अपील की है। प्रतिनिधि सभा से विधेयक पारित होने के बाद बुधवार को ब्लूमेंथल ने कहा था, चीन और भारत, आपको अपना रवैया सुधारना होगा। अपना तेल और गैस कहीं और से खरीदें। कानून में अमेरिका के यूरोपीय सहयोगियों को प्रतिबंधों से बचाने के लिए भी प्रावधान किया गया है। उन देशों को छूट दी जा सकती है, जिनका रूस से प्राकृतिक गैस आयात, रूस के कुल गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम है और जो इन आयातों को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

यह प्रावधान यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं पर संभावित नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए किया गया है। इसके अलावा, कानून में रूस से सीधे आयात होने वाले सामान पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान भी है। यह कानून राष्ट्रपति को किसी भी देश पर लगाए गए टैरिफ से छूट देने का अधिकार भी देता है। इसके लिए राष्ट्रपति को कांग्रेस को प्रमाणित करना होगा कि यह छूट अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है।

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