सुपरफास्ट भारत: दुनिया में अपनी धाक जमाने को तैयार 'इंडियन मेट्रो', इन 2 बड़े देशों से निकला आगे

भारत में मेट्रो रेल का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। मेट्रो की लंबाई 1170 किलोमीटर है। अगले दो साल में भारत अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क वाला देश बन सकता है। सरकार का अनुमान है कि जिस रफ्तार से देश में मेट्रो रेल का विस्तार हो रहा है, उसे देखते हुए अगले दो साल में भारत मेट्रो रेल नेटवर्क की लंबाई के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है। ऐसा हुआ तो चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क वाला देश बन जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल के मुताबिक, अमेरिका में इस समय करीब 1386 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क है। वहीं भारत में इसकी लंबाई 1170 किलोमीटर हो चुकी है। इस हिसाब से दोनों देशों के बीच करीब 216 किलोमीटर का अंतर बचा है। भारत में जिस तेजी से नए मार्ग बनाए जा रहे हैं, उसे देखते हुए सरकार को उम्मीद है कि ये अंतर अगले दो साल में खत्म हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मेट्रो रेल का विस्तार पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से हुआ है। साल 2014 में देश के केवल पांच शहरों में करीब 245 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क था. अब मेट्रो रेल का विस्तार 26 शहरों तक हो चुका है। करीब एक दशक में देश में मेट्रो रेल की पहुंच और लंबाई दोनों में बड़ा इजाफा हुआ है। मेट्रो रेल नेटवर्क की लंबाई के मामले में चीन अभी दुनिया में सबसे आगे है। चीन में करीब 8000 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क है। इसके बाद अमेरिका और भारत का नंबर आता है।
भारत का टारगेट अब सिर्फ बड़े महानगरों तक मेट्रो रेल नेटवर्क देने का नहीं है। देश के कई दूसरे शहरों में भी मेट्रो रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। नए रास्ते तैयार होने से भारत के मेट्रो नेटवर्क की लंबाई और बढ़ेगी। मेट्रो रेल के बढ़ते नेटवर्क में मध्य प्रदेश का इंदौर भी शामिल है। यहां मेट्रो रेल सेवा के नए मार्ग का हाल ही में उद्घाटन किया गया। इसके बाद इंदौर में मेट्रो रेल करीब 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर हो गया है, जिसमें नए मार्ग में 16 स्टेशन शामिल हैं। भोपाल में चारों ओर मेट्रो का काम जारी है।





