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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:34 · नई दिल्ली संस्करण

नजीर बन रहा यूपीसीडा का विकास मॉडल, तीन गुना हुआ राजस्व और सृजित हो रहे हजारों रोजगार

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
नजीर बन रहा यूपीसीडा का विकास मॉडल, तीन गुना हुआ राजस्व और सृजित हो रहे हजारों रोजगार

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की औद्योगिक नीतियों और पारदर्शी प्रशासनिक मॉडल के चलते उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने राजस्व वृद्धि में उल्लेखनीय उछल दर्ज किया है। यूपीसीडा ने 2023–24 में 1,898 करोड़ और 2024–25 में अनुमानित 1,937 करोड़ का राजस्व दर्ज किया है, जो 2021–22 की तुलना में तीन गुना से अधिक है।

उल्लेखनीय है कि यूपीसीडा ने सिर्फ एक आवंटन संस्था से आगे बढ़कर नीति निर्माण, निवेश संवर्द्धन और अधोसंरचना विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। इससे प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अब यूपीसीडा का मिशन केवल औद्योगिक अधोसंरचना बनाना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को भारत का अग्रणी औद्योगिक इंजन बनाना है, जहां निवेशकों को संभावनाएं, युवाओं को रोजगार और प्रदेश को एक समावेशी व समृद्ध भविष्य मिले।

1,600 से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन

भूखंड आवंटन प्रणाली की पारदर्शिता और दक्षता के चलते पिछले तीन वर्षों में यूपीसीडा के द्वारा 1,600 से अधिक औद्योगिक भूखंडों का सफल आवंटन किया गया, जिनमें वित्तीय वर्ष 2024–25 में ही 798 भूखंड आवंटित किए गए। भूखंड आवंटन से निवेश को बढ़ावा और रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

2 से 42 ऑनलाइन सेवाओं तक का सफर

डिजिटल इंडिया मिशन के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी के निर्देशों के तहत यूपीसीडा ने सेवा वितरण में क्रांतिकारी सुधार किए हैं। ‘निवेश मित्र’ पोर्टल, ई-नीलामी, ऑनलाइन भुगतान और शिकायत निवारण जैसी 42 सेवाओं के माध्यम से अब तक 31,000 से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96% का समाधान किया जा चुका है।

6,190 करोड़ से होगा अधोसंरचना विस्तार

योगी सरकार की प्राथमिकता में औद्योगिक अधोसंरचना है। इसी क्रम में यूपीसीडा ने 2025-26 के लिए ₹6,190 करोड़ का रिकॉर्ड बजट पारित किया है। इस बजट से औद्योगिक क्षेत्रों में स्मार्ट सड़कों, जल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क और 24x7 बिजली जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

प्रशासनिक खर्च में 9% की कटौती

वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देते हुए यूपीसीडा ने प्रशासनिक व्यय में 9% की कटौती की है — जो योगी सरकार की ‘कम खर्च, ज्यादा परिणाम’ नीति का जीवंत उदाहरण है। दूसरी तरफ, वर्ष 2017–18 में जहां अवस्थापना व्यय ₹104 करोड़ था, वह 2023–24 में चार गुना बढ़कर ₹415 करोड़ तक पहुंच गया जो यूपीसीडा के बुनियादी ढांचे पर केंद्रित विकास की दिशा में प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महिला सशक्तिकरण में भी आगे योगी सरकार

औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु यूपीसीडा द्वारा पिंक टॉयलेट्स, डॉरमेट्रीज़, महिला हेल्पडेस्क जैसी सुविधाओं की शुरुआत की गई है। अटल औद्योगिक अधोसंरचना मिशन (AIIM) के अंतर्गत महिला केंद्रित कौशल प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हरित औद्योगीकरण

योगी सरकार की नीतियों के अनुरूप यूपीसीडा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय है। हरित पट्टियों, ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण उपायों से पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन साधा जा रहा है।

700 करोड़ निवेश, 4,800 रोजगार अवसर

मुख्यमंत्री योगी जी की मेगा निवेश योजनाओं का असर स्पष्ट है। मई 2025 में आयोजित मेगा आवंटन योजना में 113 भूखंडों के माध्यम से 700 करोड़ निवेश और 4,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। योगी सरकार की समावेशी औद्योगिक नीति के तहत छोटे उद्योगों को किफायती भूखंड और सरल प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं, वहीं बड़े निवेशकों के लिए विशेष क्लस्टर जोन और नीति सहयोग की सुविधा दी जा रही है।

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