ऑनलाइन दोस्ती बनी जाल: 20 वर्षीय युवक का अपहरण, दिल्ली पुलिस की तत्परता से समय रहते बचाई गई जान
शकरपुर थाना पुलिस की सतर्कता से अपहरणकर्ताओं के मंसूबे नाकाम, एक आरोपी गिरफ्तार, युवती भी साजिश में शामिल
नई दिल्ली, 4 जुलाई 2025 — पूर्वी दिल्ली के शकरपुर क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन दोस्ती के जाल में फंसाकर एक 20 वर्षीय युवक निखिल पाल उर्फ चेतन का अपहरण कर लिया गया। लेकिन शकरपुर थाना पुलिस की तेज़ कार्रवाई ने न केवल युवक को समय रहते बचा लिया, बल्कि एक मुख्य आरोपी को भी मौके से धर दबोचा गया। घटना ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को निशाना बनाने वाली सुनियोजित साजिश की पोल खोल दी है।
पूरा मामला तब सामने आया जब 3 जुलाई की शाम निखिल की बहन ने पुलिस को फोन कर बताया कि उसका भाई एक युवती ‘K’ से मिलने गया था, जिससे उसकी पहचान दो महीने पहले व्हाट्सएप के जरिए हुई थी। उसी दिन देर शाम निखिल के मोबाइल से उसकी बहन को एक धमकी भरा कॉल आया, जिसमें खुद को K का भाई बताने वाले शख्स ने कहा कि निखिल लड़की के साथ पकड़ा गया है और अब उसे छोड़ा नहीं जाएगा। कॉल के तुरंत बाद फोन स्विच ऑफ हो गया।
मामले की गंभीरता को समझते हुए शकरपुर थाना प्रभारी ने एसआई अनुभव, एएसआई प्रवीण शर्मा, हेड कांस्टेबल राहुल, हेड कांस्टेबल अनुराग और कांस्टेबल नवीन की एक विशेष टीम गठित की। ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के सीडीआर सेल की मदद से निखिल के मोबाइल की लोकेशन पहले नोएडा सेक्टर-6 और फिर यमुना खादर, मयूर विहार मेट्रो स्टेशन के पास ट्रैक की गई।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि कुछ युवक निखिल को घेरकर बेरहमी से पीट रहे थे। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन एक युवक बाइक से गिर पड़ा और वहीं पकड़ लिया गया। उसकी पहचान संजीव कुमार लोहिया (उम्र 31, निवासी त्रिलोकपुरी) के रूप में हुई। संजीव के पास से पीड़ित का मोबाइल भी बरामद हुआ। निखिल को तुरंत बचाकर डॉ. हेडगेवार अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भेजा गया।
पूछताछ में निखिल ने बताया कि K ने उसे लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के पास मिलने बुलाया और फिर इंदिरापुरम मॉल ले गई। लौटते समय रास्ते में 5 युवकों ने उसे घेर लिया, जबरन एक सुनसान घर में ले गए, पीटा और परिवार को धमकी भरे कॉल किए। बाद में उसे एक जंगल जैसी जगह ले जाकर और भी मारा-पीटा गया। निखिल ने यह भी खुलासा किया कि युवती K इस साजिश में पूरी तरह शामिल थी और अपहरणकर्ताओं से लगातार संपर्क में थी।
पूछताछ में आरोपी संजीव ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों तरुण, आकाश और अन्य के साथ मिलकर पिछले दो महीनों से इस साजिश की योजना बना रहा था। मकसद था निखिल से पैसे वसूलना और उसे डराना। पुलिस ने एफआईआर नंबर 198/25 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
बरामदगी:
पीड़ित का मोबाइल फोन
वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें
पुलिस की अपील:
पूर्वी दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अजनबियों से बातचीत करते समय सतर्कता बरतें। कभी भी अकेले, अनजान व्यक्तियों से मिलने न जाएं, और ऐसे किसी भी निर्णय से पहले परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को जरूर सूचित करें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संकट की स्थिति में तुरंत 112 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
दिल्ली पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है — सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।





