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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

आपदा प्रबंधन में यूपी बना मॉडल राज्य, 2025-26 में 710.12 करोड़ रुपए की राहत राशि जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
आपदा प्रबंधन में यूपी बना मॉडल राज्य, 2025-26 में 710.12 करोड़ रुपए की राहत राशि जारी

लखनऊ। बाढ़, शीतलहर, अग्निकांड और अन्य आपदाओं से प्रभावित लोगों को त्वरित राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के प्रति उत्तर प्रदेश सरकार अग्रसर है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आपदा राहत मद के अंतर्गत 710.12 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की गई है, जिससे प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता प्रदान की गई।

राज्य सरकार के अनुसार, इस वित्तीय सहायता का मुख्य उद्देश्य आपदा के प्रभाव को न्यूनतम करना, पीड़ितों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना और पुनर्वास कार्यों को तेज गति देना है। प्रभावी योजना और बेहतर समन्वय के चलते उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मजबूत मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जारी की गई कुल राशि में से 365.73 करोड़ रुपए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए खर्च किए गए। यह धनराशि मुख्य रूप से सरयू, गंगा और घाघरा नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ से प्रभावित लोगों के बचाव, पुनर्वास और क्षतिपूर्ति पर व्यय की गई। इसके अतिरिक्त, चक्रवात और आंधी-तूफान से हुई क्षति के लिए 14.13 करोड़ रुपए, ओलावृष्टि से नुकसान की भरपाई के लिए 0.13 करोड़ रुपए, अग्निकांड पीड़ितों को राहत देने के लिए 14.63 करोड़ रुपए तथा शीतलहरी से बचाव के लिए 50.72 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की गई।

अन्य आपदाओं के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न अन्य आपदाओं से निपटने के लिए लगभग 246.63 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। सामान्य मद के अंतर्गत 0.44 करोड़ रुपए तथा अन्य राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 17.71 करोड़ रुपए जारी किए गए। इस धनराशि का उपयोग आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचाने, बचाव कार्यों को गति देने और राहत तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने में किया गया।

ठंड के मौसम में निराश्रित और असहाय लोगों की सुरक्षा के लिए राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए, जिसके चलते इस वर्ष शीतलहर से होने वाली जनहानि में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। सरकार की ओर से कंबल वितरण के लिए 45.51 करोड़ रुपए तथा अलाव जलाने की व्यवस्था के लिए 3.51 करोड़ रुपए जारी किए गए। इसके तहत प्रदेश भर में 27,027 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई, जहां अब तक 1,69,834 अलाव जलाए जा चुके हैं।

वहीं, जिला प्रशासन द्वारा 5,89,689 कंबल गरीबों और निराश्रितों को वितरित किए गए हैं।

रैन बसेरों से मिली हजारों लोगों को राहत शीतलहर के दौरान बेघर लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए प्रदेश में 1,242 रैन बसेरे स्थापित किए गए, जहां अब तक 64 हजार से अधिक लोगों को राहत मिल चुकी है। ये व्यवस्थाएं ठंड के मौसम में जीवन-रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। आपदा प्रहरी एप और टोल-फ्री नंबर से त्वरित सहायता प्रदेश सरकार की मंशा है कि हर आपदा प्रभावित व्यक्ति तक समय पर मदद पहुंचे। इसके लिए राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा आपदा प्रहरी एप और 1070 टोल-फ्री नंबर का संचालन किया जा रहा है, जिससे शिकायतों का त्वरित निस्तारण और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सके।

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