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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · दोपहर 1:03 · नई दिल्ली संस्करण

नगर परिषद के तुगलकी फरमान,चैम्बर ने दर्ज कराया विरोध

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

पाकुड़। दुकानों के साइन बोर्ड लगाने का अलग से टैक्स जमा कराने के नगर परिषद के तुगलकी फरमान से शहर के दुकानदारों में रोष पैदा हो गया है। उनका कहना है कि कोरोना संकट के चलते जारी लाॅक डाउन के दौरान वैसे ही हम अपनी चरमरा चुकी व्यावसायिक स्थिति से परेशान हैं। वहीं जिला चैम्बर ऑफ काॅमर्स भी उसके इस फरमान से बिफर गया है। दुकानदारों का कहना है कि अधिकांश व्यवसायी बैंकों के कर्ज समय पर चुका नहीं पा रहे हैं। हमारी स्थिति जाने बगैर नगर परिषद ने दुकानों के साइन बोर्ड का अलग से टैक्स जमा कराने का नया तुगलकी फरमान जारी कर एक नई परेशानी पैदा कर दी है। इस बाबत पाकुड़ चैम्बर ऑफ काॅमर्स ने मंगलवार को नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी गंगाराम ठाकुर से मिल कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

चैम्बर ऑफ कॉमर्स के जिला सचिव संजीव कुमार खत्री ने कहा दुकानदार पहले से ही कई प्रकार के टैक्स के बोझ से दबे हुए हैं। लॉक डाउन के कारण व्यवसाय पूरी तरह ठप-सा हो गया है। ट्रेनों, बसों, होटलों आदि के बंद रहने के कारण सामान उपलब्ध कराने में काफ़ी परेशानी हो रही है।उन्होंने कहा नगर परिषद तुगलकी फरमान जारी कर शहर के व्यवसायियों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान करना बंद करे, नहीं तो चैम्बर ऑफ कॉमर्स उसके खिलाफ आंदोलन करने को आंदोलन को बाध्य होगा। साथ ही उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे अपनी दुकान के साईन बोर्ड का अलग से कोई टैक्स न दें। जबकि दुकानदार पहले से ही ट्रेड लाइसेंस, जीएसटी, सहित कई प्रकार में टैक्स देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा नगर परिषद जब तक होर्डिंग टैक्स से संबंधित सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन अथवा दिशा-निर्देश नहीं दिखाता है तब तक किसी भी तरह का होर्डिंग टैक्स नहीं दिया जाएगा।

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