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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:40 · नई दिल्ली संस्करण

तैंतीस साल पूर्व जब राजीव गांधी ने हमीरपुर में गुजारी थी रात

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
तैंतीस साल पूर्व जब राजीव गांधी ने हमीरपुर में गुजारी थी रात

हमीरपुर,। हमीरपुर में तैंतीस साल पहले पूर्व पीएम राजीव गांधी ने यहां

एक जनसभा में हुंकार भरी थी। आधी रात को जनसभा में आए पूर्व पीएम को देखने

के लिए भारी जन सैलाब भी उमड़ा था। और तो और जनसभा के बाद उन्होंने हमीरपुर

के डाकबंगले में रात्रि विश्राम भी किया था।

हमीरपुर समेत

बुंदेलखंड के इलाकों में किसी जमाने में लोकसभा के चुनाव में देश के पीएम

जब चुनावी जनसभा का हिस्सा बनते थे। उस जमाने में उन्हें देखने के लिए भारी

जन सैलाब उमड़ता था। लेकिन अब छोटे जिलों के बजाय मंडल मुख्यालय तक ही

शीर्ष नेताओं की जनसभाएं होने लगी हैं। तैंतीस साल पहले 25 मार्च 1991 को

देश के पीएम रहे राजीव गांधी ने आम चुनाव को लेकर पूरे देश में जनसभाएं की

थी। वर्ष 1984 के आम चुनाव में केन्द्र में राजीव गांधी के नेतृत्व में

कांग्रेस की सरकार बनी थी। वह 1989 तक पीएम रहे लेकिन 1989 के आम चुनाव

में राजीव गांधी को विपक्ष में बैठना पड़ा था। करीब सोलह महीने महीने बाद ही

नौंवी लोकसभा भंग हो गई। पूरे देश में मंडल कमीशन और राममंदिर के मुद्दा

दसवें लोकसभा चुनाव में छाया रहा । इसके बावजूद केन्द्र की सत्ता में

कांग्रेस आई थी।

लेकिन कांग्रेस को इसकी बड़ी कीमत चुकानी

पड़ी थी। राजीव गांधी की आम चुनाव से पहले ही आत्मघाती हमले में हत्या कर दी

गई थी। हत्या से पहले राजीव गांधी बुंदेलखंड के हमीरपुर की धरती पर भी कदम

रखे थे। हमीरपुर जिले में वह भारी लाव लश्कर के साथ आए थे। उन्होंने आधी

रात के बाद यहां जनसभा में हुंकार भरी थी। कुछ महीने बाद 21 मई 1991 को

राजीव गांधी की हत्या की खबर से यहां पूरे शहर के लोग दुखी हुए थे।

समाजसेवी जलीस खान, रफीक, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी समेत तमाम लोगों ने कहा कि

राजीव गांधी की हत्या से घरों में चूल्हे नहीं जले थे। बताया कि राजीव

गांधी ऐसे नेता थे जिन्होंने हमीरपुर में सभा के दौरान किसी भी राजनैतिक दल

के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की थी। वह सिर्फ गरीबों के कल्याण और गांवों

के विकास की ही बातें की थी।

1991 में कुछ दिन पहले राजीव गांधी ने हमीरपुर में की थी बड़ी सभा

तैंतीस

साल पहले पूर्व पीएम राजीव गांधी मध्यावधि चुनाव के समय देश के भ्रमण पर

निकले थे। बुंदेलखंड के राठ कस्बे में 25 मार्च 1991 को स्वामी ब्राह्मानंद

महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया था। उन्होंने जनसभा में भारी जन सैलाब

को सम्बोधित भी किया था। यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन स्वरूप पाठक,

पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद सिंह समेत तमाम नेताओं ने उनका स्वागत किया था।

इसके बाद राजीव गांधी का काफिला हमीरपुर शहर में देर रात पहुंचा था जहां

जिला पंचायत परिसर में बने मंच से राजीव गांधी ने पंचायती राज व्यवस्था को

मजबूत करने और गांवों को संचार क्रांति से जोडऩे की बात कही थी।

सभा के बाद हमीरपुर में पूर्व पीएम राजीव गांधी ने बिताई थी पूरी रात

पूर्व

पीएम राजीव गांधी जैसे ही हमीरपुर स्थित जिला पंचायत परिसर पर आए तभी खुली

गाड़ी से उतरते ही उन्होंने साधारण परिवार के रफीक समेत कुछ युवाओं से हाथ

मिलाया था। समाजसेवी जलीस खान ने भी उनसे हाथ मिलाया था। उन्होंने बताया कि

राजीव गांधी ने सभा में कहा था कि संचार क्रांति से ही देश आगे बढ़ सकेगा।

गांवों से पलायन रोकने के लिए पंचायती राज व्यवस्था को और मजबूत बनाया

जाएगा जिससे लोगों को गांवों में ही रोजगार मिल सके। बताया कि देश के शीर्ष

नेता ने किसी भी दल के बारे में कोई टिप्पणी तक नहीं की थी। राजीव गांधी

ने जनसभा के बाद डाकबंगले में पूरी रात भी बिताई थी।

डाकबंगले तक सड़कों किनारे स्वागत के लिए उमड़ा था जन सैलाब

समाजसेवी

जलीस खान, अनवर खान, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, संजय

वीर सिंह व पूर्व प्रधान बाबूराम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि आजादी के बाद

पहली बार राजीव गांधी हमीरपुर में आधी रात के बाद आए थे इसके बावजूद

उन्हें देखने और सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी। जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट

परिसर से लेकर डाकबंगले तक सड़कों किनारे उनके स्वागत के लिए लोगों की

जबरदस्त भीड़ थी। डाक बंगले में राजीव गांधी ने सभी लोगों के साथ भोजन किया

था। उनके साथ एनडी तिवारी, माखन लाल फोतेदार, मोहसिना किदवई, रामदत्त

तिवारी और बीबीसी रिपोर्टर मार्कटली समेत तमाम नेता मौजूद थे।

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