हेमंत सोरेन और केजरीवाल में बहुत सारी समानताएं : प्रतुल शाहदेव
रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने शुक्रवार को सत्ताधारी गठबंधन पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड और दिल्ली में बहुत सारी समानताएं हैं। प्रतुल ने कहा कि जहां हेमंत सोरेन ने ईडी के 10 समन को नजरअंदाज किया था, वहीं अरविंद केजरीवाल ने भी नौ समन को नजरअंदाज किया। वह भी तब जब इन्होंने कानून के प्रति आस्था की शपथ ली थी।
प्रतुल ने कहा कि केजरीवाल ने 'दवा से दारू' और 'मोहल्ला क्लीनिक से महल तक' का लंबा राजनीतिक सफर तय कर लिया। ऐसा लगता है केजरीवाल ने शराब के बोतल पर लिखा लेवल ही नहीं पढ़ा, जिसमें साफ लिखा है कि शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। शराब नीति में बड़ा परिवर्तन करके अरबों रुपये का राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाने के आरोप के कारण आज वह गिरफ्तार हो गए हैं।
प्रतुल ने कहा कि हेमंत सोरेन ने यहां के आदिवासी मूलवासी को जल, जंगल और खनिज संपदा पर हक देने की बात कही थी लेकिन उल्टे वह खनिज संपदा को हथियाने में लग गए। केजरीवाल और हेमंत वैसे नेताओं की श्रेणी में आते हैं जो भ्रष्टाचार करते हैं और बाद में अत्याचार का नारा लगाते हैं।
प्रतुल ने झामुमो पर तंज करते हुए कहा कि कांग्रेस के अकाउंट फ्रीज के मुद्दे पर बोलने का उसको तो नैतिक अधिकार ही नहीं। क्योंकि, झारखंड मुक्ति मोर्चा डीबीटी यानी डायरेक्ट वसूली पर विश्वास रखती है। कांग्रेस ने इनकम टैक्स की धारा 13 ए का उल्लंघन किया। उसे ट्रिब्यूनल और उच्च न्यायालय तक कोई प्रारंभिक राहत नहीं मिली। इसके बाद नियम अनुसार उसके अकाउंट पर कार्रवाई की गई लेकिन यह 'चोर मचाए शोर' की तर्ज पर प्रेस कांफ्रेंस और आंदोलन कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय जाने का साहस नहीं दिखा रहे।





