मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना का हाल- बेहाल, युवाओं में निराशा,आखिर कब शुरू होगी योजना
रांची: राज्य सरकार ने इंजीनियरिंग, मेडिकल जैसे क्षेत्र में अपना करियर बनाने की चाहत रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एक सौगात के रूप में मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना की घोषणा की थी। इस घोषणा के 6 महीने से अधिक समय बीत चुके हैं मगर अब तक जमीन पर नहीं उतर पाया है। ऐसे में इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए उम्मीद लगाए राज्य के युवाओं में निराशा होने लगी है।
विदित हो कि मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत इंजीनियरिंग, मेडिकल, क्लैट, सीए, सीपीटी, होटल मैनेजमेंट, मास कम्यूनिकेशन और फैशन डिजाइनिंग जैसे राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थियों की सहायता के लिए निशुल्क कोचिंग की सुविधा देने की सरकार की योजना है.
जानिए मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत क्या दिया जाना है
1. इंजीनियरिंग, मेडिकल, क्लैट, सीए, सीपीटी, होटल मैनेजमेंट, मास कम्यूनिकेशन और फैशन डिजाइनिंग में प्रवेश के लिए प्रतियोगिता परीक्षा का मिलेगा निशुल्क कोचिंग।
2. विद्यार्थियों को कोचिंग अवधि में 2500 रुपये का मासिक भत्ता भी मिलेगा।
3. दसवीं में मिले अंकों के आधार और योग्यता आधारित मानदंडों के अनुसार विद्यार्थियों का होगा चयन।
4. सरकार इस पर 122 करोड़ रुपए वार्षिक खर्च करेगी।
5. इस योजना के तहत 8000 विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है।
6. विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए कुल 45 कोचिंग संस्थान को सूचीबद्ध करने की तैयारी है।
अभी तक नहीं हो पाई है कोचिंग संस्थानों का चयन
इन प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को मिलने वाले निशुल्क कोचिंग के लिए सरकार के द्वारा अब तक कोचिंग संस्थानों का चयन नहीं हो पाया है। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार का मानना है कि जल्द ही प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों को सूचीबद्ध कर लिया जाएगा। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक शुरू कर दिया जायेगा।





