मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:47 · नई दिल्ली संस्करण

जाति प्रमाण पत्र प्रक्रिया आसान बनाने की मांग, तेली साहू महासंगठन का डीसी ऑफिस पर प्रदर्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जाति प्रमाण पत्र प्रक्रिया आसान बनाने की मांग, तेली साहू महासंगठन का डीसी ऑफिस पर प्रदर्शन

पूर्वी सिंहभूम,। जाति प्रमाण पत्र बनाने में आ रही कथित परेशानियों को लेकर राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन, पूर्वी सिंहभूम के नेतृत्व में शुक्रवार को समाज के लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपकर जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को सरल और व्यवहारिक बनाने की मांग की।

महासंगठन के जिलाध्यक्ष राकेश साहू ने कहा कि वर्तमान नियमों के कारण ओबीसी और ईबीसी वर्ग से जुड़े तेली समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जटिल प्रक्रिया के कारण कई छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित हो रहे हैं। वहीं, अनेक युवाओं को आरक्षण, सरकारी नौकरी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो रही है।

संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पहले परिवार के किसी एक सदस्य के पास जारी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर अन्य सदस्यों का प्रमाण पत्र भी आसानी से बन जाता था। वर्तमान व्यवस्था में इस आधार को स्वीकार नहीं किए जाने के कारण आवेदकों को बार-बार नए दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा पुराने खतियान और भूमि अभिलेखों में जाति का उल्लेख नहीं होने से बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं।

महासंगठन ने कहा कि जमशेदपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार टाटा स्टील की जमीन, सरकारी अथवा लीज की जमीन पर रह रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई परिवारों के पास अपना खतियान उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में मौजूदा दस्तावेजी नियम हजारों लोगों के लिए जाति प्रमाण पत्र बनवाने में बाधा बन रहे हैं।

संगठन ने मांग की है कि परिवार के किसी सदस्य के नाम पहले से जारी जाति प्रमाण पत्र को अन्य सदस्यों के प्रमाण पत्र के लिए भी वैध आधार माना जाए। जिन परिवारों के पास खतियान उपलब्ध नहीं है, उनके लिए आधार कार्ड के साथ समाज की अनुशंसा को पर्याप्त दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। इसके अलावा टाटा स्टील की भूमि पर रहने वाले परिवारों के लिए भी व्यावहारिक व्यवस्था बनाते हुए संगठन की अनुशंसा के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में पिता की सर्विस बुक, पेंशन रिकॉर्ड, मतदाता सूची और विद्यालय प्रमाण पत्र में दर्ज ‘तेली’ जाति को भी जाति प्रमाण के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया गया है। साथ ही सभी अंचलों में विशेष शिविर लगाकर लंबित जाति प्रमाण पत्र आवेदनों का 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने की मांग की गई।

महासंगठन ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर समाज के लोगों को राहत प्रदान करेगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें