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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

तकनीकी संस्थान बनें नवाचार और समाज की चुनौतियों के समाधान का केंद्र: राज्यपाल गंगवार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तकनीकी संस्थान बनें नवाचार और समाज की चुनौतियों के समाधान का केंद्र: राज्यपाल गंगवार

रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तकनीकी संस्थानों से शिक्षा के पारंपरिक दायरे से आगे बढ़कर नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप और समाज की वास्तविक चुनौतियों के समाधान विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना भी होना चाहिए जो रोजगार के अवसर सृजित करें।

राज्यपाल बुधवार को रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) मेसरा के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संस्थान की सात दशक से अधिक लंबी यात्रा का उल्लेख करते हुए इसे देश के अग्रणी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में से एक बताया।

राज्यपाल ने कहा कि बीआईटी मेसरा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है तथा इसके पूर्व छात्र देश-विदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और प्रौद्योगिकी कंपनियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, हरित ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि तकनीकी संस्थानों को उद्योग-अकादमिक सहयोग मजबूत करना होगा और अनुसंधान आधारित नवाचार को बढ़ावा देना होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे बहुविषयक, कौशल आधारित और नवाचार केंद्रित शिक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बताया तथा उम्मीद जताई कि बीआईटी मेसरा इस दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नए मानक स्थापित करेगा।

उन्होंने 'विकसित भारत-2047', 'आत्मनिर्भर भारत', 'स्टार्टअप इंडिया', 'डिजिटल इंडिया', 'मेक इन इंडिया' और 'इंडिया एआई मिशन' जैसी राष्ट्रीय पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को नई तकनीकों का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनके विकास और वैश्विक नेतृत्व में भागीदार बनना होगा।

झारखंड की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि खनन, इस्पात, ऊर्जा, कृषि, वन, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और तकनीकी नवाचार की व्यापक गुंजाइश है।

बीआईटी मेसरा को अपनी वैज्ञानिक क्षमता का उपयोग राज्य की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने में करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास जताया कि बीआईटी मेसरा आने वाले वर्षों में ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

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