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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:35 · नई दिल्ली संस्करण

तमिलनाडु सरकार ने ‘सवुक्कु’ शंकर की रिहाई का दिया आदेश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तमिलनाडु सरकार ने ‘सवुक्कु’ शंकर की रिहाई का दिया आदेश

चेन्नई : तमिलनाडु सरकार ने यूट्यूबर और पत्रकार ए शंकर उर्फ ‘सवुक्कु’ शंकर की तत्काल रिहाई का आदेश जारी किया है।

राज्य सलाहकार बोर्ड ने अपनी समीक्षा में पाया कि तमिलनाडु प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट, 1982 के तहत उनकी हिरासत जारी रखने के लिए पर्याप्त आधार 00000 मौजूद नहीं हैं।

सरकार की ओर से मंगलवार (19 मई 2026) को जारी आदेश में कहा गया कि शंकर को तुरंत रिहा किया जाए, बशर्ते वह किसी अन्य मामले में हिरासत में न हों या किसी सजा के तहत जेल में न हों।

यह फैसला राज्य सलाहकार बोर्ड द्वारा तमिलनाडु प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट की धारा 10 के तहत हिरासत के आधारों की समीक्षा के बाद लिया गया।

बोर्ड ने हिरासत में लेने वाली एजेंसी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की और शंकर की मौखिक दलीलों को भी सुना।

सरकारी आदेश के अनुसार, सलाहकार बोर्ड ने सर्वसम्मति से माना कि “शंकर, सवुक्कु शंकर” की निरोधात्मक हिरासत जारी रखने के लिए पर्याप्त औचित्य नहीं है। इसके बाद राज्य सरकार ने बोर्ड की सिफारिश स्वीकार करते हुए उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया।

यह तीसरी बार है जब शंकर के खिलाफ लगाया गया प्रिवेंटिव डिटेंशन रद्द किया गया है। इससे पहले अगस्त 2024 में मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी पहली निरोधात्मक हिरासत को खारिज कर दिया था।

हालांकि, इसके तुरंत बाद थेनी जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया था।

हाल ही में शंकर को 8 अप्रैल 2026 को आंध्र प्रदेश के ओंगोल से गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप था कि चेन्नई लाए जाने के दौरान उन्होंने पुलिस एस्कॉर्ट टीम पर पथराव किया और हत्या के प्रयास से जुड़ा मामला दर्ज किया गया।

पिछले सप्ताह मद्रास हाईकोर्ट ने जांच में हुई प्रगति को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस मामले में जमानत दे दी थी।

अब तमिलनाडु सरकार द्वारा उनकी निरोधात्मक हिरासत रद्द किए जाने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। शंकर की गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े मामलों ने लगातार राजनीतिक और सार्वजनिक बहस को जन्म दिया है।

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