कानपुर में वृद्धा पेंशन के 2250 लाभार्थियों की हो चुकी है मौत, सर्वे के बाद पात्र सूची से हटा नाम
कानपुर। योगी सरकार पारदर्शी तरह से वृद्धा पेंशन उपलब्ध करा रही है।
लेकिन कुछ ऐसे खातों में पेंशन जा रही थी, जो वर्तमान में जीवित ही नहीं
है। इसका खुलासा समाज कल्याण विभाग द्वारा घर-घर सत्यापन कराने के बाद हुआ।
कानपुर नगर में कुल 2250 मृतकों के खातों को बंद करा दिया गया। यह जानकारी
शुक्रवार को कानपुर नगर समाज कल्याण अधिकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी
त्रिनेत्र कुमार सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि सरकार वृद्धा पेंशन
योजना को पारदर्शी तरह से संचालित कर रही है। समय-समय पर सर्वे कराया जाता
है। जिले के 10 ब्लाकों में करीब 78 हजार वृद्धा पेंशन के लाभार्थी हैं।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद शासन के निर्देश पर पुन: सर्वे कराया गया
तो, यह जानकारी हुई कि जनपद में कुल 2250 लाभार्थियों के खाते में मृत्यु
के बाद भी धनराशि जा रही है। ऐसे सभी लाभार्थियों का नाम सूची से हटा दिया
गया और खाते में धनराशि भेजने पर रोक लगा दी गई। विभाग ने पात्र सूची से
नाम हटाकर पेंशन खाते पर रोक लगाने के लिए बैंक को पत्र लिखा है। वहीं खाते
में भेजी गई पेंशन के लिए विभाग अब नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।
सरकार गरीब बुजुर्गों को आर्थिक मदद के तौर पर वृद्धा पेंशन देती है।
योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को एक हजार रुपये हर महीने के हिसाब से तीन
माह में तीन हजार रुपये भेजे जाते हैं।





