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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:39 · नई दिल्ली संस्करण

इंटरमीडिएट को बंद करने के आदेश के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
इंटरमीडिएट को बंद करने के आदेश के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन

पूर्वी सिंहभूम। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत डिग्री महाविद्यालयों से इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद करने के निर्णय के खिलाफ शनिवार को पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की।ज्ञापन सौंपने पहुंचे इंटरमीडिएट छात्र संघर्ष समिति के प्रतिनिधि हेमंत पाठक ने कहा कि राज्य सरकार का यह फैसला 12वीं के छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल देगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को 2026 तक पूर्ण रूप से लागू किया जाना है और तब तक सभी वर्तमान इंटरमीडिएट के छात्र महाविद्यालयों से पास आउट हो जाएंगे। ऐसे में फिलहाल सत्र को बीच में रोकना अनुचित है।ज्ञापन में छात्रों ने उल्लेख किया कि सत्र समाप्त होने में मात्र छह माह शेष हैं और अचानक पढ़ाई बंद होने से उनकी पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। छात्रों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे राजभवन से वार्ता कर इस आदेश पर पुनर्विचार करवाएं। साथ ही यह भी मांग की गई कि महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारियों की सेवाएं लेते हुए इन छात्रों की पढ़ाई सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी छात्र का भविष्य खराब न हो।प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि वे राज्य सरकार से अपेक्षा करते हैं कि उनके हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

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