राज्य में अलग-अलग विभागों का 50 फीसदी बजट भी अब तक व्यय नहीं हुआ : प्रतुल शाहदेव
रांची। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर समय पर बजट राशि का उपयोग करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। साथ ही राज्य के ओबीसी वर्ग को धोखा देने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य में अलग-अलग विभागों का 50 फीसदी बजट भी अब तक व्यय नहीं हुआ है जो राज्य की जनता के साथ अन्याय है। यह एक तरीके का अपराध भी है लेकिन इसे लेकर सत्तारूढ़ दलों के एक भी विधायक ने चिंता नहीं जतायी है।शाहदेव ने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग कह रहे हैं कि उन्हें ईडी से डराया जा रहा है। वास्तव में यह ठीक ही है। गलत करने वालों के मन में ईडी का डर जरूरी भी है। 70 हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप इस सरकार पर है। इस सरकार के करप्शन की किताब में अभी केवल पहला पन्ना ही पलटा गया है। मनमोहन सिंह की सरकार के समय देश में 5300 करोड़ रुपये अवैध राशि जब्त की गयी थी। वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में एक लाख 25 हजार करोड़ रुपये जब्त किए जा चुके हैं। ईडी के खिलाफ पूर्व सीएम सुप्रीम कोर्ट तक गये पर राहत नहीं मिली। जेल जाना पड़ा। कोर्ट से बेल नहीं मिला। अगली सुनवाई बाकी है। अभी कई अध्याय बाकी हैं।शाहदेव ने आरोप लगाते कहा कि सवा चार साल हो गये। राज्य सरकार अब जातीय जनगणना की बात कर रही। इसके लिए एसओपी तैयार होने की बात हो रही है। जब उसने पूर्व में कोर्ट में एफिडेविट देते कहा था कि ट्रिपल टेस्ट कराने के बाद निकाय चुनाव करा देगी तो फिर इस पर क्यों नहीं आगे बढ़ी। घड़ियाली आंसू अब वह बहा रही। कांग्रेस तो खुद पिछड़ा विरोधी रही है। 1979 में बनाये गये मंडल कमिशन की रिपोर्ट को सिरे से वह खारिज करती रही। 80-90 तक तो उसी का शासन रहा।शाहदेव ने कहा कि राजीव गांधी ने तो प्वाइंट दर प्वाइंट कमिशन की रिपोर्ट को खारिज करते इसे अनुपयोगी बताया था। अभी इस सरकार में बैजनाथ राम को मंत्री नहीं बनाया गया। सरकार में एक भी एससी वर्ग का मंत्री नहीं है जबकि दो ही ओबीसी वर्ग के मंत्री हैं। इसकी तुलना में केंद्र में 27 ओबीसी वर्ग के और आठ एसटी वर्ग के मंत्री हैं। पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन हो, शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी का आरक्षण हो या अन्य प्रयास हों, केंद्र ने लगातार पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए काम किया है।





