राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार ने पैदा की : प्रतुल शाहदेव
रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार ने पैदा की थी। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई, जब एक चुना हुआ मुख्यमंत्री कानून के डर से 40 घंटे तक फरार रहा। इस दौरान वह अपने राज्य के किसी भी अधिकारी से भी संपर्क में नहीं था। यानी साढ़े तीन करोड़ जनता को उनके भाग्य के भरोसे छोड़ दिया गया था।
शुक्रवार को जारी बयान में प्रतुल शाहदेव ने हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में तो सिर्फ 'भागम भाग' का खेल चल रहा है। पहले 'भाग हेमंत भाग' हुआ, उसके बाद 'भाग विधायक भाग' हुआ। जब इनके पास बहुमत से ज्यादा विधायक थे और प्रदेश में इनकी ही सरकार थी तो हैदराबाद के राजनीतिक पर्यटन की आवश्यकता समझ से परे है। उन्होंने कहा राज्यपाल ने विधि सम्मत और कानून सम्मत निर्णय लिया।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शाहदेव ने कहा कि साढ़े छह लाख छात्रों के भविष्य से इस सरकार ने खिलवाड़ किया। 25-25 लाख रुपये में प्रश्न पत्र बेचने की साजिश हुई। अभी तक इस मुद्दे पर कोई एफआईआर नहीं होना और एसआईटी का गठन कर ध्यान बंटाने की कोशिश साफ दिख रही है कि यह छात्र विरोधी सरकार है। उन्होंने कहा कि झामुमो इस मुद्दे पर क्यों खामोश रहती है? जाहिर है प्रश्न पत्र लीक का कवरअप ऑपरेशन चल रहा है।
शाहदेव ने झामुमो और कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास से बीएमडब्ल्यू कार की रिकवरी पर अभी तक दोनों दल रहस्यमय तरीके से खामोश हैं। उन्होंने जानना चाहा कि धीरज साहू और हेमंत सोरेन के बीच का रिश्ता आखिर क्या कहलाता है? क्या इतनी घनिष्ठता थी कि धीरज साहू अपनी गाड़ी हेमंत सोरेन के गैरेज में रख रहे थे और पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन अपना पैसा धीरज साहू घर रख रहे थे? भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि जो 350 करोड़ रुपये की रिकवरी धीरज साहू के घर में हुई थी, उसमें हेमंत सोरेन का कितना हिस्सा था या पूरी रकम ही उनकी थी।





