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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · दोपहर 3:12 · नई दिल्ली संस्करण

ECI vs विपक्ष: SIR की जंग दिवाली तक टली, SC ने कहा- 10 दिन में लाओ जवाबी हलफनामा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR से जुड़ी 3 दर्जन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई दिवाली तक टल गई। CJI सूर्यकांत की बेंच ने चुनाव आयोग के हलफनामे पर जवाब के लिए याचिकाकर्ताओं को 10 दिन और आयोग को अतिरिक्त हलफनामे के लिए 14 दिन की मोहलत दी। आयोग ने कहा, SIR के तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं। अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।

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ECI vs विपक्ष: SIR की जंग दिवाली तक टली, SC ने कहा- 10 दिन में लाओ जवाबी हलफनामा

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के कामकाज को चुनौती देने वाली करीब तीन दर्जन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई दिवाली तक टल गई है। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने चुनाव आयोग के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए याचिकाकर्ताओं को 10 दिन की मोहलत दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 17 नवंबर को होगी। दरअसल, इन याचिकाओं में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR, चुनाव आयोग के भीतर फैसले लेने के तरीके और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने SIR पर रोक लगाने, मामले की निष्पक्ष जांच और 2023 के कानून को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है। 



सुनवाई से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया। आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े सभी तीनों आदेश - 24 जून 2025, 27 अक्टूबर 2025 और 14 मई 2026 - सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार ने कोई एकतरफा फैसला नहीं लिया। हलफनामे में कहा गया है कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। SIR के लिए मांगा जा रहा अतिरिक्त घोषणा पत्र एक अलग प्रशासनिक दस्तावेज है। आयोग ने यह भी कहा कि फाइल पर की गई टिप्पणी या सुझाव अंतिम फैसला नहीं होता। सामान्य प्रक्रिया में फाइल एक चुनाव आयुक्त, फिर दूसरे आयुक्त और अंत में CEC के पास जाती है, जबकि जरूरी मामलों में इलेक्ट्रॉनिक मंजूरी ली जाती है। 



मुख्य याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि ECI का जवाब कल रात ही आया है, इसलिए जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय चाहिए। इस पर बेंच ने 10 दिन का समय दिया। वहीं चुनाव आयोग अगर कोई अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करना चाहता है तो उसे 14 दिनों के भीतर दाखिल करने को कहा गया है। इसी दौरान TMC नेता डोला सेन की नई याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया। सांसद की ओर से पेश वकील मेनका गुरुस्वामी ने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 के साथ छेड़छाड़ की गई है और प्रेस नोट में कहा गया कि अदालत ने इसे अधिकृत किया है। CJI ने कहा कि हम इसकी जांच करेंगे। 



राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की याचिकाओं पर भी इसी के साथ सुनवाई टली है। इन याचिकाओं में आरोप है कि SIR के नाम पर वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में 33 फीसदी तो कुछ जगह 40 फीसदी नाम कटने का आरोप है। कोर्ट ने महाराष्ट्र वाले मामले में ECI को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 5 नवंबर को तय की है। दिल्ली में SIR की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर है, जिस पर कोर्ट ने कहा कि मामला 28 अक्टूबर को लिस्टेड है, तब तक इंतजार कीजिए। फिलहाल चुनाव आयोग ने अपने बचाव में कहा है कि BLO घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे और ERO के आदेश के बिना कोई नाम नहीं जुड़ेगा या हटेगा। 

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