मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:34 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड हाई कोर्ट से सिपाही नियुक्ति नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

रांची,। झारखंड हाई कोर्ट ने सिपाही नियुक्ति नियमावली-2014 को

चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को फैसला सुनाया। हाई कोर्ट के

एक्टिंग चीफ जस्टिस एस. चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने प्रार्थियों

को राहत नहीं देते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी।

पूर्व में कोर्ट

ने सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख

लिया था। राज्य सरकार की ओर से बताया गया था कि सरकार को अधिकार है कि वह

नियमावली में बदलाव कर सके और रूल फ्रेम कर सके। इस संबंध में सुनील टूडू

सहित 65 याचिकाएं अदालत में दाखिल की गई थीं।

याचिका में कहा गया था

कि झारखंड सरकार की ओर से बनाई गई नियुक्ति नियमावली पुलिस मैनुअल के

विपरीत है। नई नियमावली में लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम

क्वालिफाइंग मार्क्स की शर्त लगाना भी गलत है। ऐसे में उक्त नियमावली को

रद्द कर देना चाहिए। हालांकि, इस मामले में अदालत ने पूर्व में ही कहा है

कि अदालत के अंतिम आदेश से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी।

वर्ष

2015 में सभी जिलों में सिपाही और जैप के जवानों की नियुक्ति के लिए

विज्ञापन जारी किया गया था। वर्ष 2018 में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली

गई थी। पूर्व के आदेश के तहत इस मामले में नियुक्ति हुए सभी सिपाहियों को

पक्ष रखने के लिए अदालत ने मौका दिया था। इसके लिए सार्वजनिक नोटिस भी जारी

किया गया था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें