नंदीग्राम में BJP को बड़ी राहत! हसीरानी रथ की उम्मीदवारी बरकरार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज की कांग्रेस की याचिका

पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले बीजेपी को बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ की उम्मीदवारी को बरकरार रखा है और कांग्रेस की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की गई थी। जस्टिस कृष्णा राव की बेंच ने सोमवार 29 सितंबर को ये फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद अब हसीरानी रथ बीजेपी के टिकट पर नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ेंगी। नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे।
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि हसीरानी रथ ने अपने चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दी है। कांग्रेस का कहना था कि रथ ने हलफनामे में अपनी उम्र 60 साल से अधिक लिखी है, जबकि उन्होंने शैक्षणिक योग्यता के कॉलम में बताया है कि उन्होंने चौखाली गंगा पद्मा मिलन कन्या विद्यापीठ से 1965 में 10वीं की परीक्षा पास की थी। कांग्रेस की दलील थी कि अगर उन्होंने 1965 में 10वीं पास की है तो उनकी उम्र के हिसाब से गड़बड़ी है। कांग्रेस ने इसे जन्म से पहले 10वीं पास करने जैसा बताया और कहा कि ये दस्तावेजों में गड़बड़ी है। कांग्रेस ने मांग की थी कि चुनाव आयोग उनके दस्तावेजों की दोबारा जांच करे और उनका नामांकन रद्द किया जाए।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कांग्रेस की याचिका पर ही सवाल उठा दिया था। आयोग के वकील जिष्णु चौधरी ने कहा कि नंदीग्राम उपचुनाव के नामांकन की जांच 17 सितंबर को ही पूरी हो चुकी है। इसके बाद इस स्तर पर नई आपत्ति नहीं उठाई जा सकती। आयोग ने ये भी कहा कि हलफनामे में कथित गलत जानकारी अपने आप में नामांकन रद्द करने का आधार नहीं है। नामांकन तभी रद्द हो सकता है जब कोई गंभीर कानूनी खामी हो, जैसे अस्वस्थ मानसिक स्थिति या लाभ का पद होना। उम्र या शिक्षा चुनाव लड़ने की पात्रता में बाधा नहीं बनती, क्योंकि चुनाव लड़ने के लिए अधिकतम उम्र की कोई सीमा तय नहीं है। जस्टिस कृष्णा राव ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि अगर हसीरानी रथ चुनाव जीत जाती हैं और बाद में भी ये पाया जाता है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने दस्तावेजों का सही सत्यापन नहीं किया था, तब भी उनकी जीत इस याचिका से रद्द नहीं होगी।
इसके लिए अलग से चुनाव याचिका दायर करनी होगी। चुनाव की घोषणा के बाद पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के नियमों के तहत चलती है। हसीरानी रथ का नाम इस चुनाव में भावनात्मक रूप से भी जुड़ा है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव रहे हैं। इसी साल विधानसभा चुनाव के नतीजों के तीन दिन बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने इस साल हुए विधानसभा चुनाव में दो सीटों - नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की थी। नियमानुसार उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ी। उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ी, जिस कारण यहां उपचुनाव हो रहा है। बीजेपी ने सहानुभूति और कार्यकर्ताओं के सम्मान के तौर पर उनके सहयोगी की मां हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है।
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