पश्चिम बंगाल में खूनी सियासत: चाय दुकान पर BJP नेताओं पर जानलेवा हमला, 1 कार्यकर्ता की मौत, 5 घायल

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा ने खूनी रूप ले लिया है। ताजा मामला मालदा जिले के ओल्ड मालदा के नालडुबी इलाके का है, जहां चाय की दुकान पर चाय पी रहे बीजेपी नेताओं पर लाठी और धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। इस हमले में एक बीजेपी कार्यकर्ता की मौत हो गई जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे बीजेपी मंडल के नेता मिलन घोष अपने 5-6 कार्यकर्ताओं के साथ दिनभर के प्रचार के बाद गांव के बाहर एक चाय दुकान पर चाय पी रहे थे।
इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे 10-12 लोगों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों के हाथों में लाठी, बांस और चाकू थे। उन्होंने बिना कुछ बोले मारपीट शुरू कर दी। चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के लोग दौड़े, तब तक एक कार्यकर्ता खून से लथपथ जमीन पर गिर चुका था। हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायलों को तुरंत मालदा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां 32 वर्षीय बूथ अध्यक्ष संजय दास को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि उसके पेट और कमर पर चाकू से कई वार किए गए थे। अन्य दो घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।
बीजेपी ने इस हमले का आरोप सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर लगाया है। बीजेपी के जिला अध्यक्ष का कहना है कि हमले का नेतृत्व स्थानीय TMC पंचायत सदस्य रीपन बर्मन और उसके परिवार ने किया। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से राजनीतिक रंजिश चल रही थी। मिलन घोष इलाके में काफी सक्रिय थे और हाल ही में 4 TMC कार्यकर्ताओं को बीजेपी में शामिल कराने वाले थे, इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया। घटना के बाद गुस्साए बीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने नालडुबी- मालदा रोड को जाम कर दिया और दुकानों में तोड़फोड़ की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और राजनीतिक एंगल समेत सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। वहीं TMC ने सभी आरोपों को खारिज किया है। इस घटना ने एक बार फिर बंगाल में चुनाव से पहले कानून व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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