गाड़ियां होंगी Bulletproof सेफ! सरकार का बड़ा फैसला, जानें आपकी गाड़ी पर क्या असर?
सरकार ने व्हीकल सेफ्टी के बड़े नियम बदले हैं। 1 जनवरी 2026 से सभी टू-व्हीलर में ABS अनिवार्य। 1 अक्टूबर 2026 से नई इलेक्ट्रिक गाड़ियों में आवाज करने वाला AVAS सिस्टम जरूरी, ताकि पैदल यात्री अलर्ट रहें। ट्रक-बसों में AEBS, Stability Control 1 अक्टूबर 2027 से और Driver Drowsiness, Blind Spot, Lane Warning 1 जनवरी 2028 से लागू होंगे। साथ ही गाड़ियों में साइबर सिक्योरिटी AIS-189 भी जरूरी की गई है।

अगर आप नई गाड़ी या बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। केंद्र सरकार ने सड़क हादसों को रोकने के लिए व्हीकल सेफ्टी स्टैंडर्ड को पूरी तरह से बदल दिया है। अब गाड़ियों में सिर्फ एयरबैग ही नहीं, बल्कि कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स अनिवार्य होंगे। सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) ने इसको लेकर कई ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किए हैं। अब तक 125cc से ऊपर की बाइक्स में ही ABS मिलता था, लेकिन नए नियम के बाद 1 जनवरी 2026 से बने सभी टू-व्हीलर, चाहे वो 100cc की ही क्यों न हो, में एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) अनिवार्य होगा। सरकार ने साथ ही यह भी कहा है कि हर नई बाइक के साथ दो ISI मार्क हेलमेट देना भी निर्माता की जिम्मेदारी होगी।
दोपहिया वाहनों में देश के करीब 44% घातक हादसे होते हैं, इसलिए यह नियम सबसे अहम है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां साइलेंट होती हैं, जिससे पैदल चलने वालों को पता ही नहीं चलता कि पीछे से गाड़ी आ रही है। इसे देखते हुए सरकार ने Acoustic Vehicle Alerting System (AVAS) अनिवार्य कर दिया है। नई EV मॉडल्स के लिए - 1 अक्टूबर 2026 से, पहले से बिक रही EV मॉडल्स के लिए - 1 अक्टूबर 2027 से, यह सिस्टम 20-30 km/h की स्पीड तक ऑटोमैटिक हल्की आवाज निकालेगा ताकि पैदल यात्री अलर्ट रहें। यह नियम ई-रिक्शा और ई-कार्ट (L5, L7) पर भी लागू होगा। भारी वाहनों के लिए सबसे बड़ा बदलाव है।
MoRTH ने कमर्शियल व्हीकल (M2, M3, N2, N3 यानी 3.5 टन से ऊपर के ट्रक-बस) के लिए 5 बड़े फीचर्स अनिवार्य किए हैं: Advanced Emergency Braking System (AEBS), Vehicle Stability Control, Driver Drowsiness Warning System, Blind Spot Information System, Lane Departure Warning System (LDWS). संशोधित गजट के अनुसार AEBS और Stability Control - 1 अक्टूबर 2027 से और Drowsiness, Blind Spot और Lane Departure - 1 जनवरी 2028 से लागू होंगे। ये नियम नई मैन्युफैक्चरिंग पर लागू होंगे, पहले से सड़क पर चल रही गाड़ियों पर नहीं।
अब गाड़ी सिर्फ मैकेनिकल नहीं, सॉफ्टवेयर का भी खेल है। हैकिंग से बचाने के लिए सरकार ने साइबर सिक्योरिटी (AIS-189) और सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट (AIS-190) को अनिवार्य किया है। Level-3 ऑटोनॉमस गाड़ियों के लिए - नए मॉडल 1 अक्टूबर 2026, पुराने मॉडल 1 अप्रैल 2027, OTA अपडेट वाली गाड़ियों के लिए - 2028-2029 तक। इससे गाड़ी की लागत में 10,000 से 15,000 रुपये तक का इजाफा हो सकता है, लेकिन गाड़ी हैकिंग से सेफ रहेगी। कुल मिलाकर सरकार का लक्ष्य है भारत को ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड (UN R155/R156) के बराबर लाना। थोड़ी महंगी होंगी गाड़ियां, लेकिन लाखों जानें बचेंगी।




