सदन में उठा सूखा पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का मामला
झारखंड विधानसभा सत्र के पांचवे दिन, सदन में उठा सूखा पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का मामला
रांची : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन 11.10 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। 2022-23 में खरीफ फसल पर सुखाड़ की मार से प्रभावित किसानों को अब तक क्षतिपूर्ति नहीं मिलने का मामला उठाकर भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कृषि मंत्री बादल पत्रलेख को घेरा।इसपर मंत्री बादल पत्रलेख ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत (2022-23) में 3363201 आवेदन मिले थे। इनमें से 13.66 लाख किसानों को 478.4 करोड़ राशि का भुगतान किया गया है। 5.57 किसानों का सत्यापन हो चुका है। उन्हें जल्द पेमेंट किया जायेगा। 4.90 लाख किसानों का सत्यापन बाकी है। सत्यापन के बाद उन्हें पेमेंट होगा। मंत्री ने कहा कि जिन किसानों का सत्यापन हो चुका है, उन्हें 3 महीने में पेमेंट कर दिया जायेगा।
वही बिरंची नारायण ने सदन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष बने 6 महीने हो गये, लेकिन अब तक सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं हुई है । हजारों अपील पेंडिंग हैं। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जल्द आयोग का पुनर्गठन किया जाये। इरफान अंसारी ने जामताड़ा रेल हादसे का मामला सदन में उठाया और कहा कि रेलवे की लापरवाही से हादसा हुआ है। मृतकों के परिजनों को 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाये।
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार पेसा की नियमावली कब तक बनाने का विचार रखती है। इसपर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि नियमावली के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। सरकार द्वारा इसकी स्वीकृति की कार्रवाई की जा रही है





