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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:33 · नई दिल्ली संस्करण

सिख विरोधी दंगों के एक मामले में सज्जन कुमार बरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सिख विरोधी दंगों के एक मामले में सज्जन कुमार बरी

नई दिल्ली। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी हिंसा मामले के आरोपित सज्जन कुमार को बरी कर दिया। स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने सज्जन कुमार को बरी करने का आदेश दिया।सज्जन कुमार को इस मामले में बरी जरूर कर दिया गया है लेकिन वो जेल से बाहर नहीं निकल सकेंगे, क्योंकि दूसरे मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17 दिसंबर, 2018 को दिल्ली सिख दंगों के मामले में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद सज्जन कुमार ने 31 दिसंबर, 2018 को कड़कड़डूमा कोर्ट में सरेंडर किया था।कोर्ट ने 22 दिसंबर, 2025 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में 23 सितंबर को कोर्ट ने ट्रायल पूरी कर ली थी। सुनवाई के दौरान सज्जन कुमार ने खुद को निर्दोष बताया था। सज्जन कुमार ने कहा था कि वो इस अपराध में सपने में भी शामिल हो सकता और मेरे खिलाफ एक भी सबूत नहीं है। 9 नवंबर, 2023 को इस मामले के पीड़ित मंजीत कौर ने अपने बयान दर्ज कराए थे। अपने बयान में मंजीत कौर ने कहा था कि मैंने भीड़ के लोगों से सुना था कि सज्जन कुमार भीड़ में शामिल थे, लेकिन सज्जन कुमार को आंखों से नहीं देखा था।23 अगस्त, 2023 को कोर्ट ने सज्जन कुमार के खिलाफ आरोप तय कर दिया था। कोर्ट ने सज्जन कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147,148,153A, 295, 149, 307,308, 323, 325, 395, 436 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, कोर्ट ने एसआईटी द्वारा सज्जन कुमार के खिलाफ लगाई गई हत्या की धारा 302 को हटाने का आदेश दिया था।

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