तारा शाहदेव प्रकरण में रंजीत सिंह कोहली और कौशल रानी ने झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
रांची,
23 दिसंबर (हि.स.)। झारखंड हाई कोर्ट में नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव के
धर्म परिवर्तन, यौन उत्पीड़न व दहेज प्रताड़ना से संबंधित मामले में
सजायाफ्ता रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल एवं उसकी मां कौशल रानी ने सीबीआई
कोर्ट द्वारा सुनाए गए सजा को अपील दायर कर चुनौती दी है।
सीबीआई
कोर्ट ने रंजीत कोहली को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा दी थी। साथ ही
उसकी मां कौशल रानी को 10 साल की सजा सुनाई थी। सीबीआई की के विशेष
न्यायाधीश पीके शर्मा की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया था। सजा के खिलाफ अपील
में रंजीत कोहली की ओर से कहा गया है कि वह शादीशुदा था। ऐसे में उस पर
आईपीसी की धारा 376 (2एन) नहीं लग सकता है।
कोहली की मां कौशल रानी
की ओर से अपील में कहा गया है कि उन्हें आईपीसी की धारा 120 बी सह पठित
धारा 376( 2एन) में सजा दी गई है। जब उनपर धारा 376 (2एन) का मुख्य मामला
ही नहीं बनता है तो 120 बी यानी षड्यंत्र का मामला भी नहीं बन सकता है। इन
दोनों ने अपील दायर कर खुद को सजा मुक्त करने का आग्रह हाईकोर्ट से किया
है।
इस हाई प्रोफाइल मामले में सीबीआई कोर्ट ने मुख्य आरोपित रंजीत
सिंह कोहली उर्फ रकीबुल, उसकी मां कौशल रानी एवं मुश्ताक अहमद को दोषी
ठहराते हुए सजा सुनाई थी। मामले में सीबीआई की ओर से 26 गवाह प्रस्तुत किया
गया था। बचाव पक्ष की ओर से चार गवाह प्रस्तुत किया गया था।
उल्लेखनीय
है कि मामले में मुख्य आरोपित रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल के अलावा हाई
कोर्ट का पूर्व रजिस्ट्रार (विजिलेंस) बर्खास्त मुश्ताक अहमद एवं कोहली की
मां कौशल रानी ट्रायल फेस कर रहे हैं। इन तीनों के खिलाफ दो जुलाई, 2018 को
आरोप गठित किया गया था। सीबीआई ने वर्ष 2015 में केस को अपने हाथों में
लिया था। रंजीत कोहली एवं तारा शाहदेव की शादी 7 जुलाई, 2014 को हुई थी
लेकिन शादी के कुछ माह बाद उसे धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रताड़ित किया
गया।





