भुरकुंडा डबल मर्डर केस में राजा चौधरी निकला हत्यारा, अदालत ने पाया दोषी
रामगढ़, । भुरकुंडा डबल मर्डर केस से अदालत में पर्दा उठा दिया है।
भुरकुंडा ओपी के सेंट्रल सौंदा बी टाइप क्वार्टर में 3 वर्ष पहले सहारा एक
के एजेंट कमलेश नारायण शर्मा और उनकी पत्नी चंचला देवी की हत्या मामले में
राजा चौधरी नामक अपराधी को अदालत ने दोषी कर दिया है। धारा 302 के तहत उसे
सजा सुनाई जाएगी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक दुबे की
अदालत ने यह पतरातु (भुरकुंडा) थाना कांड 184/21 में यह फैसला सुनाया है।
मंगलवार को लोक अभियोजक परमानंद यादव ने बताया कि 16 अक्टूबर 2021 को
भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के सेंट्रल सौंदा बी टाइप क्वार्टर में सहारा के
एजेंट और कांग्रेसी नेता कमलेश नारायण शर्मा और उनकी पत्नी चंचला देवी पर
अपराधियों ने घर में घुसकर जानलेवा हमला किया था। इस वारदात में कमलेश
नारायण शर्मा की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। उनकी पत्नी चंचला देवी ने
इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा था।
इस मामले में कमलेश नारायण
शर्मा के छोटे भाई जयेन्द्र कुमार शर्मा के बयान पर प्राथमिक के दर्ज की
गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने चार अपराधियों को इस मामले में अभियुक्त
बनाया। जिसमें सायल निवासी राजा चौधरी, विजय चौधरी, राहुल चौधरी और राम अचल
शामिल थे। ट्रायल के दौरान राहुल चौधरी की मौत हो गई। साक्ष्य के अभाव में
विजय चौधरी और राम अचल को अदालत ने बरी कर दिया। आठ गवाहों और पुलिस की
जांच के आधार पर राजा चौधरी को दोषी करार दिया गया है। 24 मई को सजा के
बिंदु पर सुनवाई होगी और सजा सुनाई जाएगी।
चोरी का आरोप लगने पर बदला लेने की बनाई थी योजना
पुलिस
की जांच और गवाहों के आधार पर राजा चौधरी पर कई बार बकरी चोरी के आरोप लगे
थे। बकरी चोरी के मामले में सायल निवासी राजा चौधरी जेल भी गया था। पुलिस
की जांच में यह भी कहा गया है कि राजा चौधरी को ऐसा लगता था कि चोरी के यह
आप कमलेश नारायण शर्मा के इशारे पर लगाए गए थे। बदले की भावना से जी रहे
राजा ने कमलेश नारायण शर्मा पर हमला करने की योजना बनाई और 15 अक्टूबर 2021
की रात वह उनके घर में घुस गया। जब कमलेश नारायण शर्मा अपनी पत्नी चंचला
देवी के साथ सो रहे थे। इसी दौरान उसने धारदार हथियार से उन पर हमला किया।
16 अक्टूबर 2021 की सुबह घर वालों ने कमलेश नारायण शर्मा और उनकी पत्नी
चंचला देवी को खून से लथपथ उनके कमरे में ही पाया था।





