पीएलएफआई सुप्रीमो का सहयोगी फिर ईडी के तीन दिनों के रिमांड पर
रांची,
16 जनवरी । पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के सहयोगी निवेश कुमार की
पांच दिनों की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद मंगलवार को ईडी कोर्ट में पेश
किया गया। ईडी ने फिर से पूछताछ की आवश्यकता बताते हुए तीन दिनों की रिमांड
अवधि बढ़ने का आग्रह किया। इस पर ईडी के विशेष जज दिनेश राय की कोर्ट ने
निवेश से पूछताछ के लिए तीन दिनों की रिमांड ईडी को प्रदान की।
इससे
पूर्व गत आठ जनवरी को ईडी ने कोर्ट के माध्यम से ईडी ने निवेश को मेमो ऑफ
अरेस्टिंग दिया था। इसके बाद बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (जेल) भेज दिया
था। एनआईए ने पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) उग्रवादी संगठन
के खिलाफ झारखंड सहित चार राज्यों में 15 दिसंबर को छापेमारी की थी। इस
दौरान एनआईए ने दो आरोपितों निवेश कुमार और सोनू पंडित उर्फ रमण को
गिरफ्तार किया था।
एनआईए ने पीएलएफआई उग्रवादी संगठन से जुड़े
झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और नई दिल्ली में कुल 23 स्थानों की तलाशी ली
थी। इनमें झारखंड में 19 स्थान (गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा, पलामू और
पश्चिमी सिंहभूम जिले), बिहार (पटना जिला) और मध्य प्रदेश (सिद्धि जिले)
में एक-एक स्थान और नई दिल्ली में दो स्थान शामिल हैं।
एनआईए ने जिन
आरोपितों और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की, वे सभी झारखंड में पीएलएफआई
के कैडर और समर्थक थे। वे हिंसक वारदातों और आतंकी गतिविधियों को अंजाम
देने की साजिश में शामिल थे। छापेमारी के दौरान दो पिस्तौल, कारतूस (7.86
मिमी) तीन लाख रुपये समेत अन्य सामान बरामद किए गये थे।
एनआईए की अब
तक की जांच से पता चला है कि पीएलएफआई के कैडर झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़
और ओडिशा में विभिन्न कोयला व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों, रेलवे ठेकेदारों
और व्यापारियों से जबरन वसूली के माध्यम से धन जुटाने में शामिल थे।





