पेट्रोल पंप पर नया नियम लागू! 30 लीटर लिमिट से ज्यादा तेल नहीं, डीजल पर भी बैन, पंप पर लगी लंबी लाइनें

एक बार फिर युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल पर संकट गहराने लगा है। अगर आप भी गाड़ी में फुल टैंक कराने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। कई पेट्रोल पंपों पर अब लिमिट लगा दी गई है। एक गाड़ी को सिर्फ 30 लीटर पेट्रोल ही मिलेगा, डीजल पर भी कैप लगा दी गई है। दरअसल यह संकट रूस में सबसे ज्यादा दिख रहा है। दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक रूस में ही पेट्रोल की राशनिंग शुरू हो गई है। यूक्रेन के ड्रोन हमलों में रूस की कई बड़ी तेल रिफाइनरियों को भारी नुकसान पहुंचा है। कच्चा तेल तो रूस रिकॉर्ड स्तर पर निकाल रहा है, लेकिन उसे रिफाइन करके पेट्रोल-डीजल बनाने में दिक्कत आ रही है।
इसी वजह से रूस की राजधानी मॉस्को समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक: Rosneft ने 30 लीटर प्रति गाड़ी की लिमिट लगा दी है। Gazprom Neft ने ऑटोमेटेड पंप पर 40 लीटर और दूसरे पंपों पर 60 लीटर की लिमिट लगाई है। Tatneft ने 50 लीटर की सीमा तय की है। यह पहली बार नहीं है। इससे पहले इस साल की शुरुआत में भी ऐसी ही किल्लत हुई थी, जुलाई में थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से रिफाइनरी पर हमलों और मेंटेनेंस के कारण सप्लाई टाइट हो गई है। कुछ ऐसा ही संकट भारत में भी जून 2026 में देखने को मिला था, जब West Asia और US-ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन बिगड़ गई थी। भारत सरकार ने तब पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी रोकने के लिए अस्थायी नियम लागू किया था।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने "Motor Spirit and High Speed Diesel Order 2026" जारी किया था। इसके तहत कोई भी ग्राहक एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं खरीद सकता था। फैक्ट्री, टेलीकॉम टावर, होटल, मॉल और इंडस्ट्रियल यूजर्स को रिटेल पंप से तेल खरीदने पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया था। उन्हें बल्क पॉइंट से तेल लेना पड़ता था। पेट्रोल-डीजल सिर्फ गाड़ी की टंकी में या PESO अप्रूव्ड कंटेनर में ही दिया जा रहा था। सरकार ने कहा था कि रिटेल पंप पर डीजल करीब 40 रुपये सस्ता मिल रहा था, इसलिए बड़े ट्रांसपोर्टर और फैक्ट्रियां 400-600 लीटर एक साथ रिटेल पंप से ले जा रहे थे, जिससे आम लोगों के लिए पंप खाली हो रहे थे।
हालांकि राहत की बात यह रही कि भारत में हालात जल्दी सुधर गए। सरकार ने 29 जून को नया ऑर्डर जारी कर 1 जुलाई 2026 से सारी लिमिट हटा दी। अब भारत में बिना किसी लिमिट के पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। लेकिन रूस का संकट गहराता जा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है अगर युद्ध और लंबा चला और रिफाइनरियों पर हमले नहीं रुके, तो यूरोप और एशिया में भी क्रूड के दाम बढ़ेंगे, जिसका असर भारत पर भी पड़ सकता है। फिलहाल भारत में सप्लाई सामान्य है, लेकिन सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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