Bihar: पटना में राजभवन मार्च पर हंगामा, तेजस्वी समेत 3 बड़े नेता हिरासत में
पटना में गुरुवार को INDIA ब्लॉक के राजभवन मार्च के दौरान हंगामा हो गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रोश मार्च का नेतृत्व तेजस्वी यादव कर रहे थे। राजभवन की ओर बढ़ते समय पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी, जिसे तोड़ने की कोशिश पर तेजस्वी यादव, VIP प्रमुख मुकेश सहनी और RJD सांसद मीसा भारती समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। विपक्ष की मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए।

पटना। बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को सियासी पारा चरम पर रहा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के 'राजभवन मार्च' के दौरान जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में जैसे ही महागठबंधन के नेता राजभवन की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और आरजेडी सांसद मीसा भारती समेत दर्जनों नेताओं को हिरासत में ले लिया। यह पूरा आंदोलन महागठबंधन द्वारा घोषित तीन दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा था। 6 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च, 7 अक्टूबर को बिहार के सभी 534 प्रखंडों में 'ज्ञानेश भगाओ, लोकतंत्र बचाओ' आक्रोश मार्च और पुतला दहन, और 8 अक्टूबर यानी आज पटना में राजभवन मार्च का ऐलान किया गया था।
आज सुबह से ही पटना के शहीद स्मारक के पास INDIA ब्लॉक के कार्यकर्ता जुटने लगे थे। तेजस्वी यादव विधानसभा गोलंबर पहुंचे और वहां से उन्होंने सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि "ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की है। जब सच्चाई सामने आई तो पूरा विपक्ष एकजुट हो गया।" तेजस्वी ने कहा कि उनकी मुख्य मांगें तीन हैं - मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता और बिहार में लेवल प्लेइंग फील्ड के साथ दोबारा निष्पक्ष चुनाव।
शहीद स्मारक से राजभवन तक मार्च जैसे ही सचिवालय के पास पहुंचा, प्रशासन ने भारी बैरिकेडिंग लगा दी। इस पर तेजस्वी यादव खुद बैरिकेड पर चढ़ गए। PTI के वीडियो में साफ दिख रहा है कि तेजस्वी बैरिकेड लांघने की कोशिश कर रहे हैं और कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ रहे हैं। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति बिगड़ता देख पुलिस ने तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, मीसा भारती, आरजेडी एमएलसी उर्मिला ठाकुर समेत कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान महागठबंधन के नेताओं का तीखा रूप देखने को मिला। आरजेडी प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देते हुए फांसी तक की मांग कर दी, जबकि उर्मिला ठाकुर डफली बजाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती दिखीं।
कार्यकर्ताओं ने 'वोट चोर गद्दी छोड़' और 'ज्ञानेश भगाओ, लोकतंत्र बचाओ' के नारे लगाए और पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके। महागठबंधन का आरोप है कि SIR की शुरुआत जानबूझकर बिहार से की गई और चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। वहीं चुनाव आयोग और भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है।फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए नेताओं को पटना के कोतवाली थाने में रखा गया है। तेजस्वी यादव ने हिरासत से ही कहा है कि लोकतंत्र और संविधान बचाने की यह लड़ाई रुकेगी नहीं। इस घटना के बाद बिहार की सियासत में टकराव और तेज होने के आसार हैं।




