मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · दोपहर 3:29 · नई दिल्ली संस्करण

पासवा ने अभिभावकों से राय मांगे जाने के निर्णय का किया स्वागत

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

रांची। प्राईवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण पिछले पांच महीने से बंद स्कूलों को फिर से खोलने को लेकर राज्य सरकार एवं शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो की ओर से अभिभावकों से राय मांगे जाने के निर्णय का स्वागत किया है। आलोक कुमार दूबे ने शुक्रवार को बताया कि स्कूलों को फिर से खोलने के संबंध में जिला इकाईयों के माध्यम से अभिभावकों से वर्चुअल मीटिंग में चर्चा की जाएगी और फिर स्कूलों को खोलने के संबंध में संगठन की ओर से सरकार को सुझाव से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्चुअल मीटिंग में पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद भी शामिल होंगे। दूबे ने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर जरा भी चिंतित नहीं है। लॉकडाउन में शिक्षा जगत विशेष निजी स्कूल संचालकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं उपलब्ध करायी गयी। एक ओर देश में नयी शिक्षा नीति लागू की जा रही है। वहीं छह महीने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित है। इस संकट में कैसे विद्यार्थियों और स्कूल संचालकों तथा अभिभावकों को मदद पहुंचायी जाए। इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाये जाने से विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन में घोर निराशा है। उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत केन्द्र की सरकार प्राईवेट स्कूलों को बंद कराने की कोशिश की जा रही है। लेकिन मौजूदा हालात में निजी स्कूल ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहे है। इसलिए इन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाये जाने चाहिए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें