मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:27 · नई दिल्ली संस्करण

आजीविका कर्मचारियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आजीविका कर्मचारियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी

पलामू। पलामू जिले में झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को सातवें दिन भी जारी है। यह हड़ताल 21 नवंबर से शुरू हुई थी। दोपहर एक बजे तक सारे कर्मी हड़ताल पर डटे नजर आए।इस आंदोलन के कारण ग्रामीण विकास, महिला आजीविका, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) संचालन, दीदी बाड़ी और बैंक लिंकेज जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।सभी पलाश कर्मी पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में पुराना डीआरडीए कार्यालय में धरना दे रहे हैं। कर्मचारी मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, झारखंड आजीविका संवर्धन सोसाइटी की ओर से दिए गए आश्वासन पर कार्रवाई न होने का विरोध कर रहे हैं।संघ के जिला अध्यक्ष प्रभात रंजन पांडेय ने बताया कि 15 नवंबर तक सभी मांगों पर वार्ता पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद कोई ठोस लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने इसे प्रबंधन की वादाखिलाफी बताया।यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन द्वारा आंदोलनरत कर्मियों को धमकी भरे पत्र जारी कर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों की सेवा के बाद आजीविका की सुरक्षा के लिए संघर्ष करना उनकी मजबूरी है।ये है झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ की मांगसंघ की प्रमुख मांगों में जेएसएलपीएस कर्मियों को राज्य कर्मी का दर्जा और सेवा स्थायीकरण, बिना कटौती केंद्र सरकार की एनएमएमयू पॉलिसी का पूर्ण कार्यान्वयन, वरिष्ठता एवं योग्यता के आधार पर आंतरिक पदोन्नति, वार्षिक वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ता सुनिश्चित करना शामिल है।संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित निर्णय नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और सरकार पर डाली है। संघ ने आम जनता और सखी मंडलों से भी अपने आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।इस आंदोलन में स्तर पांच से लेकर स्तर आठ तक के सभी कर्मी शामिल हैं, जिनमें सलामुद्दीन खान, वैभव कांत आदर्श, हरिशंकर नाथ वर्मा, राजीव तिवारी, कौशल कुमार किशोर, निशांत कुमार, नवल किशोर राजू उपस्थित थे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें