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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:31 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड में 27 हजार एकड़ में अफीम की खेती, विधानसभा में चर्चा के दौरान सदस्यों ने जताई चिंता

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंड में 27 हजार एकड़ में अफीम की खेती, विधानसभा में चर्चा के दौरान सदस्यों ने जताई चिंता

रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को राज्य में अवैध अफीम की खेती का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। लिट्टिपाड़ा से विधायक हेमलाल मुर्मु ने इस विषय पर सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती हो रही है, जो कानून-व्यवस्था और सामाजिक दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है।

विधायक ने उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अफीम की अवैध खेती में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2020-21 में लगभग 2871 एकड़ भूमि पर अफीम की खेती पाई गई थी। इसके बाद वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर 5494 एकड़ और 2023-24 में 4853 एकड़ तक पहुंच गई।

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 27,215 एकड़ तक पहुंच गया है।

हेमलाल मुर्मु ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खेती आखिर किन लोगों के संरक्षण में हो रही है और इसे रोकने के लिए सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।

विधायक हेमलाल ने सरकार से यह भी जानकारी मांगी कि पिछले चार वर्षों में अवैध अफीम की खेती से जुड़े कितने मामले दर्ज किए गए, उनमें कितनी जांच लंबित है और अब तक कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

उन्‍होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि युवाओं को नशे की ओर धकेलने का खतरा भी पैदा करती हैं, इसलिए इस पर कठोर कार्रवाई की जरूरत है।

सदन में कई विधायकों ने हेमलाल मुर्मू की बात का समर्थन किया। इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्वीकार किया कि वर्ष 2024-25 में राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 27,215 एकड़ भूमि पर अफीम की अवैध खेती के मामले सामने आए थे।

उन्होंने बताया कि प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर इस अवैध खेती को नष्ट करने की कार्रवाई की है।

मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी को रोकने के लिए राज्य सरकार लगातार अभियान चला रही है। यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस विभाग के किसी अधिकारी की संलिप्तता का मामला सामने नहीं आया है।

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