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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:16 · नई दिल्ली संस्करण

पोषण केवल शारीरिक स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास का भी आधार : राज्यपाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि पोषण केवल शारीरिक स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास का भी आधार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य केवल जागरुकता बढ़ाना तक ही नहीं है। इसे एक जन आंदोलन का रूप देना है।राज्यपाल ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ इस सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित हों कि हर व्यक्ति, विशेषकर महिलाएं और बच्चे सही पोषण प्राप्त करें, ताकि एक सशक्त और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण हो सके। राज्यपाल ने उन सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और संस्थाओं को बधाई दी, जिन्होंने ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ के दौरान जनमानस को जागरूक करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।राज्यपाल सोमवार को रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 शौर्य सभागार में आयोजित 'सातवें राष्ट्रीय पोषण माह' के समापन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि एक सशक्त भारत के निर्माण के लिए हर बच्चे और हर मां को सही पोषण मिलना अत्यंत आवश्यक है। केंद्र सरकार की पोषण योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष ‘राष्ट्रीय पोषण माह का थीम-एनीमिया, विकास निगरानी, पूरक आहार, "पोषण भी पढ़ाई भी", बेहतर प्रशासन के लिए प्रौद्योगिकी और "एक पेड़ मां के नाम" जैसे विषयों पर केंद्रित रहा। साथ ही कहा कि इन विषयों के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने पोषण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया और कहा कि इस कार्य में आँगनबाड़ी कर्मियों की अहम भूमिका है।राज्यपाल ने लोगों से मोटा अनाज, साग-सब्जियां और सहजन जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये न केवल पोषण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से भी बेहतर है। राज्यपाल ने लोगों से स्थानीय खाद्य पदार्थों को अपने आहार का हिस्सा बनाने और पोषण जागरुकता के प्रसार पर जोर दिया।राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने विगत दिनों राज्य के विभिन्न जिलों के भ्रमण के क्रम में कई आंगनबाड़ी केंद्रों का अवलोकन किया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद भी किया। साथ ही बच्चों को सुलभ कराये जा रहे पोषण एवं शिक्षा सुविधा की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कुपोषण के खिलाफ इस अभियान को एक सतत प्रक्रिया बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही कहा कि यह जागरुकता अभियान केवल एक माह तक सीमित न रहे, बल्कि निरंतर चलता रहे।राज्यपाल के जरिये समारोह में कई 'सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र' का उद्घाटन किया। उन्होंने जरिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद भी किया गया। राज्यपाल ने समारोह में बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी किया। साथ ही धात्री महिलाओं का गोद भराई संस्कार भी संपन्न हुआ, जिसमें महिलाओं को संतान के सुरक्षित आगमन और उनके स्वास्थ्य के लिए आशीर्वाद दिया गया। इससे पूर्व राज्यपाल महोदय ने जैप-1 परिसर में लगे विभिन्न स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

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