अब झारखंड की 4402 पंचायत और 260 प्रखंड ऑटोमेटेड रेन गेज मशीन से होगी लैस
रांची: अब झारखंड की सभी पंचायतों में ऑटोमेटेड रेन गेज मशीन लगाई जाएगी। इससे ना सिर्फ किसानों को फायदा होगा, बल्कि माइक्रो लेवल पर मौसम की जानकारी भी मिल पाएगी। इस बाबत कृषि विभाग ने राज्य के सभी 4402 पंचायतों और 260 प्रखंडों में ऑटोमेटेड रेन गेज मशीन लगाने का निर्देश दिया है। इसके माध्यम से राज्य के सभी पंचायतों में हर दिन होने वाली वर्षा की जानकारी कृषि निदेशालय को मिल सकेगी, बल्कि अलग-अलग पंचायतों में हर दिन का तापमान,आर्द्रता, विंड वेलोसिटी और नमी की भी जानकारी मुख्यालय को मिल सकेगी। कृषि पदाधिकारी राम शंकर प्रसाद सिंह ने बताया कि ऑटोमैटिक रेन गेज मशीन लगाने के पीछे वजह है कि पिछले कई वर्षों से यह देखा जा रहा है कि राज्य में असामान्य और असमान वर्षापात ज्यादा हो रही है। एक ही समय में किसी पंचायत में अत्यधिक वर्षा होती है तो वहीं पास का पंचायत सूखा रह जाता है। ऐसे में वर्षापात के एक्यूरेट और पंचायत स्तर पर डेटा प्रदेश मुख्यालय को मिल सकेगा। हवा का वेग क्या है, उस पंचायत में नमी कितनी रही, इसकी सभी जानकारी हर दिन कृषि निदेशालय के कंट्रोल रूम में स्वत: रिकॉर्ड हो जाएगा। ऑटोमेटेड रेन गेज मशीन से मिले आंकड़ें का उपयोग सुखाड़ या अत्यधिक वर्षापात की एक्यूरेट जानकारी मिल जाएगी, जिससे किसानों को मुआवजा मिलने में आने वाली परेशानी कम होगी।





