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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

विज्ञान के नए रंग: सीएसआईआर-एनएमएल के 'जिज्ञासा' से जुड़े नन्हे विद्यार्थी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
विज्ञान के नए रंग: सीएसआईआर-एनएमएल के 'जिज्ञासा' से जुड़े नन्हे विद्यार्थी

पूर्वी सिंहभूम। सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर में शुक्रवार को सीएसआईआर-जिज्ञासा पहल के तहत जेवियर इंग्लिश स्कूल के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाना और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराना था।

कार्यक्रम में विद्यालय के 66 विद्यार्थियों और तीन शिक्षकों ने हिस्सा लिया। पंजीकरण के बाद सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जिज्ञासा और सीखने की इच्छा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने संस्थान में चल रही विभिन्न अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि देश के औद्योगिक और तकनीकी विकास में सीएसआईआर-एनएमएल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इस अवसर पर वैज्ञानिक-जी एवं आईएमडीसी प्रभाग के प्रमुख डॉ. के. गोपाला कृष्ण ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने धातुकर्म और सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में संस्थान में किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और अनुसंधान के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी की रचनात्मक सोच देश के भविष्य को नई दिशा दे सकती है।

इसके बाद वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं जिज्ञासा कार्यक्रम की सह-परियोजना प्रमुख डॉ. पी. श्रीदा ने सीएसआईआर-जिज्ञासा पहल पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को वैज्ञानिक संस्थानों से जोड़ना, उन्हें प्रयोगात्मक विज्ञान से परिचित कराना और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रयोगशालाओं का भ्रमण रहा। विद्यार्थियों ने सीएसआईआर-एनएमएल की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने क्रीप लैब, एडवांस्ड एनालिटिकल कैरेक्टराइजेशन (एएसी) प्रयोगशाला, ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग सेंटर और मेल्टिंग डेमोंस्ट्रेशन सुविधा का भ्रमण किया।

वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आधुनिक उपकरणों, अनुसंधान तकनीकों, सतत प्रौद्योगिकी और सामग्री विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रयोगों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिकों से सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद और प्रयोगशालाओं में चल रहे शोध कार्यों को करीब से देखने का अनुभव उनके लिए प्रेरणादायक रहा।

सीएसआईआर-एनएमएल ने कहा कि जिज्ञासा जैसी पहलें विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने और भविष्य के वैज्ञानिकों एवं नवाचारकर्ताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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