हजारीबाग में नाबालिग की दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका, हाईकोर्ट ने गृह सचिव और डीजीपी को भेजा नोटिस

रांची। झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ इलाके में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या की वारदात पर सोमवार को हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति कड़ा रुख अपनाया है।
अदालत ने राज्य के गृह सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला हाईकोर्ट के समक्ष अधिवक्ता हेमंत शिकरवार ने उठाया। उन्होंने घटना को लेकर मीडिया में छपी खबरों का हवाला देते हुए कहा कि यह घटना दिल्ली के निर्भया कांड की तरह है। अपराधियों ने बच्ची के साथ बेरहमी की सारी हदें पार कर दी हैं।
इसपर अदालत ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह मानवता को शर्मसार करने वाला कुकृत्य है।
कोर्ट ने पीड़िता के परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान हजारीबाग के एसपी को अदालती कार्यवाही से वर्चुअली जोड़ा गया।
अदालत ने उनसे घटना और इसपर की गई कार्रवाई पर जानकारी मांगी। एसपी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड की मदद से घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए गए हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर एक एसआई गठित की गई है, जो मामले की जांच में जुटी है।
एसपी ने कहा कि पुलिस जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। कोर्ट ने कहा कि घटना के छह दिन बाद भी आरोपियों का गिरफ्तार न होना चिंता की बात है। घटना के संबंध में बताया गया कि रामनवमी के अवसर पर बीते मंगलवार की शाम गांव में मंगला शोभायात्रा निकाली गई थी।
नाबालिग लड़की शोभायात्रा देखने गई थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर खोजबीन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला।
अगले दिन बुधवार को गांव के पास झाड़ियों से उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई गई है। इस जघन्य घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है और लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है।





