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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · दोपहर 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

खनन टास्क फोर्स एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक संपन्न

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

गुमला। उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक उपायुक्त के कार्यालय प्रकोष्ठ में की गई। बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी ने बताया कि जिले में पर्यावरण के स्तर में सुधार लाने के लिए जिला पर्यावरण योजना तैयार करना है । साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जिला स्तरीय पर्यावरण योजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जाएंगे। इसमें वेस्टेज मैनेजमेंट, सॉलिड वेस्ट, प्लास्टिक, कंस्ट्रक्शन एंड डीमोलीटेशन वेस्ट, बायोमेडिकल वेस्ट, हजार्ड वेस्ट, ई वेस्ट, वाटर मैनेजमेंट, डॉमेस्टिक वेस्ट, इंडस्ट्रियल वेस्ट, एयर क्वालिटी, माइनिंग, ध्वनि प्रदूषण आदि पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने विभागों का डाटा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में भरकर 24 अगस्त तक वन प्रमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से जिले में फ्लाई ऐश के कार्यान्वयन को प्रोत्साहित करने तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले चिम्नी ईंटों के कार्यान्वयन को हतोत्साहित करने पर जोर दिया। इस संबंध में उन्होंने बताया कि ईंट भट्ठों में बनने वाले ईंटों को पकाने में प्रयोग किए जाने वाला ईंधन व ईंट भट्ठे से निकलने वाला जहरीला धुंए से पर्यावरण में गैसीय प्रदूषण तथा राख का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचता है। जबकि फ्लाई ऐश के बने ईंट ईको फ्रेंडली होते हैं। वहीं उन्होंने बताया कि प्लांट से बनकर निकलने वाले राख का इस्तेमाल कर इन ईंटों का निर्माण किया जाता है। फ्लाई ऐश ईंटों के निर्माण में प्रदूषण काफी कम होता है तथा इसे बनाने के लिए मिट्टी की ईंटों की तरह भट्ठा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर उपायुक्त ने जिले में ईंट भट्ठे में निर्मित ईंटों के स्थान पर फ्लाई ऐश को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।

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