जनता ने हमें इतना मजबूत कर दिया कि केंद्र सरकार अब तानाशाही नहीं कर सकती: गुलाम अहमद मीर
रांची,। झारखंड प्रदेश कांग्रेस की विस्तारित कार्यसमिति की बैठक
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई। बैठक
में विगत दिनों संपन्न हुए चुनाव के संदर्भ में प्रत्येक लोकसभा सीट की
समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिला
अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी से चुनावी गतिविधियों के संबंध में फीडबैक लिया
गया। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए एक रूपरेखा जल्द तय
करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा कि आपकी मेहनत में हमें
ताकत दिया। जनता ने हमें इतना मजबूत कर दिया है कि केंद्र सरकार अब
तानाशाही नहीं कर सकती और जनता पर मनमाना फैसला नहीं लाद सकती। जब तक हम
पूरी समीक्षा नहीं कर लेते अगला कदम मजबूती से नहीं उठा सकते हैं। हम जीत
और हार दोनों सीटों के प्रत्येक स्तर पर समीक्षा करेंगे। हमें समय बर्बाद
करने की अपेक्षा कमियों को दूर करना है। हमें देखना है कि जो काम बाकी है
वह जल्द पूरा हो।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि इस चुनाव
में हमारा प्रयास बेहतर रहा है। इसमें और सुधार की आवश्यकता है। वर्ष 2019
के चुनाव की अपेक्षा इस बार प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में हमारे मतदान
प्रतिशत में वृद्धि हुई है। पूरे झारखंड में हमारे सात सीटों पर पिछली बार
के मुकाबले 16 लाख मतों की वृद्धि हुई है। वर्ष 2019 के मुकाबले हजारीबाग
में हमें 51 फीसदी, खूंटी में 21 प्रतिशत, लोहरदगा में 33 प्रतिशत, चतरा
में 135 प्रतिशत, धनबाद में 34 प्रतिशत और रांची में 16 प्रतिशत ज्यादा मत
मिले हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में अग्नि परीक्षा का समय आ गया है। चार
महीनों में चुनाव होने वाले हैं। हमारी सरकार ने जनता से किए हुए जो वादे
पूरे किए हैं उन्हें आम लोगों तक पहुंचाया जाए।
प्रदेश कांग्रेस
प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा कि झारखंड में इंडिया खेमे की जीत के लिए
मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी को धन्यवाद
देने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि
विधानसभा चुनाव की तैयारी के पहले चरण मे एक दिन एक विधानसभा क्षेत्र
कार्यक्रम चलाया जाएगा। लोकसभा चुनाव के परिणाम के विस्तृत समीक्षा के लिए
लोकसभावार एक समिति गठित की जाएगी, जो जमीनी स्तर पर क्षेत्र में जाकर
प्रखंड स्तर तक कार्यकर्ताओं-नेताओं से बात कर अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के
अंदर सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।





