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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:37 · नई दिल्ली संस्करण

सहारनपुर में दो पक्षों के बीच झड़प पर बोलीं मायावती- हालात काबू करने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सहारनपुर में दो पक्षों के बीच झड़प पर बोलीं मायावती- हालात काबू करने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के लालवाला गांव में तस्वीर रखने को लेकर हुए संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस घटना में दलित वर्ग के कई लोगों के घायल होने से इलाके में तनाव का माहौल है।

मायावती ने पुलिस और प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई कर हालात को काबू में करने की मांग की, साथ ही दोनों पक्षों से शांति, सौहार्द और कानूनी तरीके से विवाद सुलझाने की अपील भी की।

बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यूपी के जिला सहारनपुर के गांव लालवाला में एक भूमि में फोटो/तस्वीर रखने को लेकर लोगों के बीच हुए विवाद और फिर संघर्ष में दलित वर्ग के अनेक लोगों के भी घायल होने से वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस व प्रशासन को वहां हालात को काबू में रखने के लिए तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।

साथ ही, दोनों वर्गों के लोगों से भी अपील है कि वे शांति-व्यवस्था व आपसी सद्भाव बनाए रखें और मामले को ताकत से नहीं, बल्कि कानूनी तरीके से ही सुलझाएं।''

गौरतलब है कि सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र स्थित लालवाला गांव में भूमि स्वामित्व को लेकर दो समुदाय के बीच विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव और मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर मौके पर पहुंची पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा।

एक पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोग उनकी जमीन पर कब्जा कर वहां अपने समाज के महापुरुष की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि संबंधित भूमि उनकी खरीदी हुई संपत्ति है। घटना की सूचना मिलते ही भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी गांव पहुंच गए, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक भूमि के स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ है और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और चंद्रशेखर आजाद को गांव जाने से पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया।

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