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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

ममता बनर्जी ने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर चुनाव आयोग पर साधा निशाना

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
ममता बनर्जी ने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर चुनाव आयोग पर साधा निशाना

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि राज्य में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले के जरिए भाजपा को विधानसभा चुनावों में फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

पश्चिम बर्दवान जिले के रानीगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं और अब एक 'लक्ष्मण रेखा' तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग, जिसे उन्होंने 'वैनिशिंग कमीशन' कहा, ने राज्य के 50 से 100 अधिकारियों का तबादला कर उन्हें केरल और तमिलनाडु भेज दिया है।

ममता बनर्जी ने कहा कि ये अधिकारी स्थानीय हालात से भली-भांति परिचित थे, लेकिन उन्हें हटाकर बाहर भेज दिया गया। उनके मुताबिक, यह कदम जनता पर दबाव बनाने, अवैध धन, नशीले पदार्थों और बाहरी गुंडों के प्रवेश को आसान बनाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे दंगों को भड़काने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा और कहा कि इस मामले में भी सीमाएं लांघी जा रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में एक मर्यादा होनी चाहिए और उसे पार नहीं किया जाना चाहिए।

ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज में राम नवमी के जुलूस के दौरान हुई झड़पों का जिक्र करते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रशासन चुनाव आयोग के नियंत्रण में है, इसलिए उन्हें इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "मेरे सभी अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है और अब रघुनाथगंज में दंगे भड़काए जा रहे हैं। दुकानों में लूटपाट हुई और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। जब समय आएगा, तो हम हिंसा भड़काने वालों को नहीं छोड़ेंगे।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो बुलडोजर की राजनीति शुरू हो जाएगी और लोगों को बेघर कर दिया जाएगा।

बेहाला में बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने प्रभावित लोगों से माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि उनकी दुकानों और संपत्तियों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्ट कहती है, वहीं दूसरी ओर खुद अवैध कोयला खनन से पैसा जुटाती है।

रैली के दौरान ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि यहां सभी धर्मों के लोग मिलकर राम नवमी, दुर्गा पूजा, ईद और क्रिसमस जैसे त्योहार मनाते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने रानीगंज के भूस्खलन प्रभावित इलाकों के लिए पुनर्वास पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो लोग इन जोखिम भरे क्षेत्रों से सुरक्षित स्थान पर जाना चाहते हैं, उन्हें 10 लाख रुपए और दो फ्लैट दिए जाएंगे।

सरकार स्थानांतरण का पूरा खर्च भी उठाएगी।

उन्होंने बताया कि अब तक 2,000 फ्लैट बनाए जा चुके हैं और 4,000 और बनाने की योजना है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर विचार करें, क्योंकि किसी बड़े भूस्खलन से हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

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