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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:39 · नई दिल्ली संस्करण

टीएमसी सांसदों की हिरासत पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा-यह लोकतंत्र है, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
टीएमसी सांसदों की हिरासत पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा-यह लोकतंत्र है, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं

कोलकाता। कोलकाता में आई-पैक कार्यालय पर ईडी की रेड के बाद सियासी बवाल जारी है। इसी बीच शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, मैं हमारे सांसदों के साथ किए गए शर्मनाक और गलत बर्ताव की कड़ी निंदा करता हूं। गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों को सड़कों पर घसीटना कानून लागू करना नहीं है।

यह वर्दी में घमंड है। यह लोकतंत्र है, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं है।

उन्होंने आगे लिखा कि लोकतंत्र सत्ता में बैठे लोगों की सुविधा या आराम से नहीं चलता। जब भाजपा नेता विरोध प्रदर्शन करते हैं तो वे रेड कार्पेट और खास सुविधाओं की उम्मीद करते हैं। जब विपक्षी सांसद अपनी आवाज उठाते हैं तो उन्हें घसीटा जाता है, हिरासत में लिया जाता है और अपमानित किया जाता है।

ममता बनर्जी ने आगे लिखा कि यह साफ हो जाना चाहिए कि सम्मान आपसी होता है। आप हमारा सम्मान करेंगे और हम आपका सम्मान करेंगे। आप हमें सड़क पर घसीटेंगे और हम आपको सहिष्णुता, असहमति और लोकतांत्रिक नैतिकता के संवैधानिक विचार पर वापस लाएंगे। यह हमारा भारत है। हम अधिकार से नागरिक हैं, किसी कुर्सी, बैज या सत्ता की स्थिति की दया पर नहीं।

कोई भी सरकार, कोई भी पार्टी और कोई भी गृह मंत्री यह तय नहीं कर सकता कि लोकतंत्र में कौन गरिमा का हकदार है।

विरोध प्रदर्शन करने में तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार धरने में शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान, तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने नारे लगाए और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार चुनाव से पहले विपक्षी पार्टियों को परेशान करने के लिए जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। सांसदों को विरोध जताने के लिए पोस्टर के साथ भी देखा गया।

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