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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:07 · नई दिल्ली संस्करण

गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं, प्रकृति से भी जोड़ें : सीएम योगी आदित्यनाथ

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं, प्रकृति से भी जोड़ें : सीएम योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों और उनके अभिभावकों के नाम पाती (पत्र) लिखा है। पाती के माध्यम से सीएम योगी ने अभिभावकों से अपील की है कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं और प्रकृति से जोड़ने का भी प्रयास करें।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए लिखा, "गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं। स्कूल की व्यस्त दिनचर्या से थोड़ी राहत मिलते ही मन कुछ नया सीखने, नए स्थान देखने और अपनों के साथ समय बिताने को उत्सुक हो उठता है। यही अवसर है, जब आप अपनी रुचियों को पहचानें, नई आदतें विकसित करें एवं जीवन के ऐसे अनुभव प्राप्त करें, जो आगे चलकर आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्माण में सहायक हों।

किशोर एवं युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं। यह समय अच्छी पुस्तकों से मित्रता, फोटोग्राफी, चित्रकारी, पाक कला, संगीत और बागवानी जैसी रुचियों को पूरा करने का हो सकता है।"

मुख्यमंत्री ने पाती में आगे लिखा, "प्रिय अभिभावकों, कुछ बातें मैं आपसे भी साझा करना चाहता हूं। हममें से अधिकतर लोगों ने बचपन में दादा-दादी, नाना-नानी से कहानियां सुनी होंगी। आज बच्चे इन अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं को निकट से जान सकें।"

सीएम योगी ने अभिभावकों से अपील की कि ग्रीष्मावकाश में बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का भी प्रयास करें।

उनके साथ पौधे लगाएं, उनकी देखभाल का दायित्व उन्हें दें तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करें। जब बच्चे मिट्टी, वृक्ष और जल के महत्व को समझते हैं, तभी उनके अंदर पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। याद रखिए, जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत होती हैं, वही सबसे अधिक फलदायी एवं दीर्घजीवी होता है। हमारी संस्कृति और संस्कार भी वैसी ही जड़ें हैं।

सीएम ने बच्चों को घुमाने पर जोर दिया।

उन्होंने लिखा, "घूमना-फिरना जीवन को समझने का माध्यम है। बच्चों को ऐसे स्थानों पर ले जाएं, जहां वे प्रकृति एवं जैव विविधता का अनुभव करें। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच और कतर्निया घाट वन्यजीव विहार जैसे स्थल प्रकृति की अपार सुंदरता से परिचित कराते हैं और यात्रा को चिर-स्मरणीय बना देते हैं। यदि हम इन छुट्टियों में बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और स्वास्थ्य से जोड़ पाए, तो यह समय उनके जीवन की अमूल्य पूंजी बन जाएगा।"

योगी आदित्यनाथ ने आगे लिखा, "मेरी आप सभी से अपील है कि इन छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का भी संकल्प लें। यात्रा हो या पिकनिक, कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग करें, प्लास्टिक कचरा इधर-उधर न फैलाएं और बच्चों को भी स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दें। छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।"

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