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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:43 · नई दिल्ली संस्करण

परीक्षा धांधली केस में बड़ा अपडेट, CID जांच में 100 से ज्यादा उम्मीदवारों से पूछताछ

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
परीक्षा धांधली केस में बड़ा अपडेट, CID जांच में 100 से ज्यादा उम्मीदवारों से पूछताछ

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में धांधली की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्य आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ और उसके कथित खुलासों के आधार पर सीआईडी-एसआईटी ने अब तक 100 से अधिक अभ्यर्थियों से पूछताछ की है। मंगलवार को भी करीब 20 अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है।

जांच एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध अभ्यर्थियों, बिचौलियों और परीक्षा केंद्रों से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। अभय तिवारी पूर्व में गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर के पद पर तैनात था।

सरकारी सेवा में आने से पहले वह परीक्षाओं के आयोजन से जुड़ी आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम कर चुका था। उसने सेटिंग के जरिए खुद पांच से अधिक परीक्षाओं मे सफलता हासिल की थी।

सीआईडी पिछले वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उसकी भूमिका और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

पूछताछ के दौरान अभय तिवारी ने कथित तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन के लिए होने वाले डील के बारे में चौंकाने वाली जानकारी दी है। उसके बयानों के अनुसार, सिविल सेवा परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा पास कराने के लिए करीब पांच लाख रुपये, मुख्य परीक्षा के लिए 10 लाख रुपये और अंतिम चयन के लिए 40 से 60 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।

इसी तरह फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के लिए 20 से 25 लाख और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट के लिए 30 से 35 लाख रुपये तक की रकम ली जाती थी। पीजीटी शिक्षक भर्ती परीक्षा में कथित तौर पर सॉफ्टवेयर और रिमोट एक्सेस के जरिए परीक्षा में मदद पहुंचाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।

एजेंसी इस पूरे तकनीकी नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुषमा कुमारी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। दोनों से पूछताछ के दौरान कथित आर्थिक लेनदेन और परीक्षा धांधली से जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच एजेंसी पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. ख्यांगते समेत आयोग से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान टीडीपीएल को ठेका दिलाने के एवज में तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष को कथित तौर पर दो करोड़ रुपये दिए जाने का दावा किया है।

जेपीएससी के पूर्व सदस्यों और जेएसएससी के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से भी पूछताछ की जा चुकी है। विपक्षी दल और छात्र संगठन इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग करते रहे हैं।

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