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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 11:50 · नई दिल्ली संस्करण

पलामू टाइगर रिजर्व में बाघों को ढूंढने के लिए एम स्ट्रीप एप तैयार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

मेदिनीनगर। एशिया के प्रसिद्ध पलामू टाइगर रिजर्व ने बाघों को ढूंढने के लिए एम स्ट्रीप नाम का एक एप तैयार किया है। इससे बाघों को ढूंढने में मदद मिलने के साथ पीटीआर में विचरण करने वाले सभी वन्य जीवों की जानकारी मिलेगी। साथ ही शिकारियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जा सकेगी। पीटीआर के इलाके में मार्च के बाद बाघ नहीं दिखा है। इसे लेकर विभाग अत्यंत चितिंत है। विभाग अब बाघों को ढूंढने की नई व्यवसथा शुरू करने साथ बाघों को देखे जाने की सूचना पर इनाम भी घोषित किया है। दरअसल पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला नेशनल पार्क में फरवरी में एक बाघिन की मौत हुई थी। उस दौरान तीन बाघों की मूवमेंट की खबर थी, लेकिन मार्च के बाद पीटीआर के बाघ नही देखा गया है। बाघों की तलाश के लिए पीटीआर इलाके में 300 उच्च क्षमता वाले कैमरा लगाया गया है। एक-एक वनरक्षी को तीन से चार कैमरों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही रिजर्व प्रबंधन ने बाघ देखने पर पांच हजार रुपये इनाम की भी घोषणा की है। एम स्ट्रीप नाम के इस एप पर अधिकारियों को एक क्लिक कर रिजर्व के सभी वन्य जीवों की जानकारी मिलेगी। फिलहाल ये एप ट्रायल पर है। खास बात ये है कि एम स्ट्रीप एप ऑफलाइन भी काम करेगा। इसके लिए रिजर्व में तैनात 125 वन रक्षियों को मोबाइल उपलब्ध करया गया है। पलामू टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर वाईके ने बताया कि एप ट्रायल मोड में है। फिलहाल एक रेंजर और वनरक्षी से इसका काम लिया जा रहा है। उसके बाद सभी को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे टाइगर और उनके मूवमेंट का पता लगाने में काफी सहायता मिलेगी। साथ ही वाटर सोर्स पर भी अच्छी तरह से निगरानी रखी जा सकेगी। पलामू टाइगर रिजर्व में फिलहाल मैनुअल तरीके से वन्य जीवों पर निगरानी रखी जाती है। ट्रैकर और पेट्रोलिंग टीम वी आकार से जंगल को स्कैन करते हैं और हालात को कागजों पर नोट करते हैं। सभी कागजात जमा होने के बाद वन्य जीवों के स्थिति की समीक्षा की जाती है, लेकिन इस प्रोसेस में लंबा वक्त लग जाता है। अधिकारियों को एम स्ट्रीप एप से तुरंत स्थिति की जानकारी मिल पाएगी। डायरेक्टर वाईके दास ने बताया कि एप के माध्यम से शिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई में सहायता मिलेगी। पलामू टाइगर रिजर्व 1026 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जबकि इसका कोर एरिया 226 वर्ग किलोमीटर में है।

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