भारत की राजनीति में शुचिता के प्रतीक हैं लाल कृष्ण आडवाणी : बाबूलाल मरांडी
रांची,
3 फरवरी । भाजपा के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री
लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने की घोषणा का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
बाबूलाल मरांडी ने स्वागत किया। उन्होंने खुशी जताई और प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। मरांडी ने शनिवार को बयान जारी
कर कहा कि भारतीय राजनीति में आडवाणी जी शुचिता का प्रतीक हैं। उन्होंने न
तो परिवार के लिए राजनीति की और न ही पैसे के लिए। उन्होंने अपना पूरा जीवन
राष्ट्र को समर्पित कर दिया।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब उन पर
भ्रष्टाचार का आरोप लगा तो उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और घोषणा की
कि जब तक वह बरी नहीं हो जाते तब तक वह सदन में प्रवेश नहीं करेंगे। जांच
के बाद उन्हें बरी कर दिया गया और तभी उन्होंने संसद का चुनाव लड़ा। ऐसे
आदर्श को भारत रत्न से सम्मानित करना अपने आप में गौरव की बात है। वह
वास्तव में इसके हकदार हैं। बाबूलाल मरांडी ने लालकृष्ण आडवाणी और
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि इस फैसले से हम सभी
खुश हैं।
लालकृष्ण आडवाणी को इससे पहले 2015 में पद्म विभूषण से
सम्मानित किया गया था। आठ नवंबर 1927 को कराची में पैदा हुए लाल कृष्ण
आडवाणी भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। 2002 से 2004 के बीच वह
अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उप प्रधानमंत्री रहे। इससे पहले वह 1998
से 2004 के बीच एनडीए सरकार में गृह मंत्री थे। लाल कृष्ण आडवाणी से पहले
अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न दिया गया था। 2015 में राष्ट्रपति प्रणब
मुखर्जी ने उनके घर जाकर उन्हें ये सम्मान दिया था। उस वक्त यह खबर
सुर्खियों में थी कि एक राष्ट्रपति प्रोटोकॉल से हटकर बाजपेयी को सम्मानित
करने उनके घर पहुंच गये।





