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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:22 · नई दिल्ली संस्करण

कुरमाली भाषा को शैक्षणिक पहचान दिलाने को विधायक पूर्णिमा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
कुरमाली भाषा को शैक्षणिक पहचान दिलाने को विधायक पूर्णिमा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

पूर्वी सिंहभूम। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने शनिवार को कोल्हान विश्वविद्यालय में कुरमाली भाषा के शैक्षणिक पदों के सृजन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। यह मांग अदिवासी कुड़मि समाज, केंद्रीय समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर उठाई गई है।

विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि कोल्हान विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभाग और अंगीभूत महाविद्यालयों में वर्षों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कुरमाली भाषा की पढ़ाई कर रहे हैं,लेकिन अब तक इस विषय के लिए पर्याप्त शैक्षणिक पद सृजित नहीं किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से विभिन्न भाषाओं में पद सृजन का निर्णय ले चुकी है, जिसमें कुरमाली भाषा भी शामिल थी। इसके बावजूद हाल में जारी विभागीय संकल्प में कुरमाली भाषा के पदों का समुचित उल्लेख नहीं होना चिंता का विषय है।

विधायक ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि कुरमाली झारखंड की द्वितीय राजभाषा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देती है। ऐसे में विद्यार्थियों के हित में जल्द पद सृजन और संशोधन जरूरी है।

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